उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन मास को लेकर 2 अगस्त 2026 के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन और भीड़ प्रबंधन के लिए नए निर्देश लागू किए हैं।
2 अगस्त रविवार को भस्म आरती और संध्या आरती निर्धारित समय पर होगी। श्रद्धालुओं के लिए सामान्य और सुगम दर्शन व्यवस्था जारी रहेगी।
3 अगस्त को निकलेगी पहली महाकाल सवारी
सावन की पहली महाकाल सवारी 3 अगस्त 2026, सोमवार को निकलेगी। बाबा महाकाल की सवारी शाम 4 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर से रामघाट के लिए रवाना होगी।
सवारी को लेकर मंदिर और प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भस्म आरती के लिए रात से तैयारी
3 अगस्त सोमवार को भस्म आरती के लिए मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोले जाएंगे। सावन के कारण इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
2 अगस्त को मंदिर में दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से चलेगी। श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मंदिर परिसर में मोबाइल पर प्रतिबंध
दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य दर्शन में लगने वाला समय कम करना और भीड़ को नियंत्रित करना है।
उज्जैन महाकाल मंदिर में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रख रहा है। श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग और नियमों का पालन करना होगा।