गरबा आयोजनों पर उषा ठाकुर का बयान
उषा ठाकुर ने 23 सितंबर को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत की। भाजपा विधायक ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की बात कही।
उन्होंने दावा किया कि पहले हर साल करीब 4.5 लाख लड़कियां गैर-हिंदू पुरुषों के साथ चली जाती थीं। उन्होंने इसे आबादी के स्वरूप में बदलाव से जोड़ा।
ठाकुर ने गरबा को धार्मिक साधना और शक्ति उपासना से जुड़ा आयोजन बताया। उन्होंने गरबा के व्यावसायिक स्वरूप पर भी सवाल उठाए।
दावे पर उठे सवाल
उषा ठाकुर के बयान में बताए गए 4.5 लाख के आंकड़े का कोई स्वतंत्र प्रमाण स्रोतों में सामने नहीं आया। Aaj Tak ने भी इस दावे को बिना वैज्ञानिक या तार्किक आधार वाला बताया है।
कांग्रेस ने बयान की आलोचना की और सार्वजनिक माफी की मांग की। पार्टी के मीडिया समन्वयक नीलाभ शुक्ला ने कहा कि बयान महिलाओं की पहचान पर सवाल उठाता है।
नवरात्रि से पहले बढ़ी बहस
यह विवाद नवरात्रि और hindu festivals 2026 से पहले सामने आया है। hindu dharm से जुड़े धार्मिक आयोजनों में प्रवेश को लेकर मध्य प्रदेश में पहले भी बयान सामने आए हैं।
गरबा को लेकर hindu muslim बहस अब राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन गई है। इससे पहले भोपाल के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा आयोजनों को लेकर बयान दिया था।
यह मामला indore local news और latest indore news में भी प्रमुखता से सामने आया है। आगे इस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी रह सकती हैं।
FAQ
1. उषा ठाकुर कौन हैं?
उषा ठाकुर मध्य प्रदेश के महू विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं।
2. उन्होंने क्या कहा?
उन्होंने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री रोकने की मांग की।
3. विवाद किस दावे पर है?
उन्होंने गरबा के दौरान 4.5 लाख लड़कियों के गैर-हिंदू पुरुषों के साथ जाने का दावा किया।
4. कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या रही?
कांग्रेस ने बयान की आलोचना करते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की।