भारत की ऐतिहासिक जीत ने महिला क्रिकेट में नया अध्याय जोड़ दिया। भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 270 रन से हराकर यादगार जीत दर्ज की। यह लॉर्ड्स के इतिहास का पहला महिला टेस्ट था और भारत इस मुकाबले को जीतने वाली पहली टीम बन गई।
मैच का स्कोर
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई। इसके बाद भारत ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित की और इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया।
लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समाप्त हो गई और भारत ने मुकाबला 270 रन से जीत लिया।
इन खिलाड़ियों ने दिलाई जीत
भारत की ओर से यास्तिका भाटिया ने दूसरी पारी में शानदार 113 रन बनाकर लॉर्ड्स में महिला टेस्ट शतक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया।
गेंदबाजी में क्रांति गोड ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर इतिहास रचा। दूसरी पारी में स्नेह राणा ने चार विकेट लेकर इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। स्मृति मंधाना ने भी दोनों पारियों में अहम योगदान दिया।
36 नहीं, 142 साल का इंतजार हुआ खत्म
लॉर्ड्स में 1884 से पुरुष टेस्ट खेले जा रहे हैं, लेकिन 142 साल बाद पहली बार महिला टेस्ट आयोजित हुआ। भारत ने इस ऐतिहासिक मुकाबले को जीतकर अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया।
विशेषज्ञों की नजर में ऐतिहासिक उपलब्धि
क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसे भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे बड़ी विदेशी टेस्ट जीतों में से एक बताया है। इस जीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम की मजबूत तैयारी और संतुलित प्रदर्शन को भी साबित किया।
आगे क्या होगा?
इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय महिला टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। टीम अब इंग्लैंड दौरे के आगामी सीमित ओवरों के मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगी।