भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में 17 सितंबर 2026 को नई घोषणाएं हुईं। नई दिल्ली के यशोभूमि में SEMICON India 2026 की शुरुआत के दौरान सेमीकंडक्टर उत्पादन, पैकेजिंग, डिजाइन, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट को लेकर आगे की रणनीति सामने रखी गई।
इस कार्यक्रम में भारत के Semiconductor Mission के दूसरे चरण Semicon 2.0 पर भी जोर दिया गया। इसके लिए जुलाई 2026 में ₹1,27,500 करोड़ के कुल बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई थी।
मोहाली और सूरत में शुरू हुआ कमर्शियल उत्पादन
कार्यक्रम के दौरान दो नई कमर्शियल सेमीकंडक्टर उत्पादन लाइनों का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। इनमें CDIL Semiconductor, मोहाली में डिस्क्रीट डिवाइस उत्पादन और Suchi Semicon, सूरत में सेमीकंडक्टर पैकेजिंग शामिल है।
सरकार के अनुसार, इन इकाइयों के शुरू होने के साथ Semicon 1.0 के तहत मंजूर 12 यूनिट में से 5 कमर्शियल सेमीकंडक्टर ATMP यूनिट अब संचालन में हैं। इनमें Micron, Kaynes और CG Semi की इकाइयां भी शामिल हैं।
Semicon 2.0 में इन क्षेत्रों पर फोकस
Semicon 2.0 को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के अगले चरण के रूप में तैयार किया गया है। इसके छह प्रमुख क्षेत्र हैं:
चिप डिजाइन
मशीन और मटेरियल
नए फैब की स्थापना
ATMP/OSAT और एडवांस पैकेजिंग
रिसर्च एंड डेवलपमेंट
टैलेंट और स्किल डेवलपमेंट
सरकार ने बताया है कि दूसरे चरण में घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ एडवांस तकनीक और रिसर्च पर भी ध्यान दिया जाएगा।
भारत में बढ़ रही चिप डिजाइन क्षमता
Semicon 2.0 से पहले भी चिप डिजाइन के क्षेत्र में कई प्रोजेक्ट आगे बढ़े हैं। सरकार के अनुसार, 105 स्टार्टअप और MSME को EDA टूल्स तक पहुंच दी गई है और 24 सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता के लिए मंजूरी मिली है।
इससे स्मार्ट मीटर, IoT, AI सिस्टम, ड्रोन, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों के लिए चिप डिजाइन को बढ़ावा देने की योजना है।
SEMICON India 2026 में 600 से ज्यादा प्रदर्शक
SEMICON India 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक यशोभूमि, नई दिल्ली में हो रहा है। इसमें 600 से अधिक प्रदर्शक शामिल हैं। इनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी, छह कंट्री पवेलियन और 12 भारतीय राज्यों के पवेलियन शामिल हैं।
पहले दिन करीब 12,000 लोग कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजन में स्टार्टअप, रिसर्च, चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और वर्कफोर्स डेवलपमेंट से जुड़े कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है सेमीकंडक्टर मिशन?
सेमीकंडक्टर स्मार्टफोन, कंप्यूटर, कार, दूरसंचार, AI, रक्षा, सैटेलाइट और कई अन्य आधुनिक तकनीकों का अहम हिस्सा हैं। घरेलू उत्पादन बढ़ने से भारत को चिप सप्लाई चेन में अपनी क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।
Semicon 2.0 का लक्ष्य केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। इसमें डिजाइन से लेकर उपकरण, मटेरियल, पैकेजिंग, रिसर्च और प्रशिक्षित मानव संसाधन तक पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने की योजना है।
अब आगे क्या होगा?
सरकार और उद्योग की योजना अगले चरण में ज्यादा फैब, पैकेजिंग यूनिट, उपकरण और मटेरियल सप्लाई चेन तथा एडवांस रिसर्च को बढ़ाने की है। सरकार ने Semicon 2.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और भारतीय स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
Indore live और latest indore news से जुड़े पाठकों के लिए भी यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम के विस्तार का असर देश के अलग-अलग राज्यों में निवेश, तकनीकी रोजगार और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
SEMICON India 2026: 17–19 सितंबर 2026
स्थान: यशोभूमि, नई दिल्ली
Semicon 2.0 बजट: ₹1,27,500 करोड़
नई कमर्शियल लाइनें: मोहाली और सूरत
Semicon 1.0 में स्वीकृत यूनिट: 12
संचालन में कमर्शियल ATMP यूनिट: 5
कार्यक्रम में प्रदर्शक: 600+
अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक: करीब 300
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Semicon 2.0 क्या है?
यह भारत के सेमीकंडक्टर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विस्तार का दूसरा चरण है। इसके लिए ₹1,27,500 करोड़ का बजट स्वीकृत है।
भारत में नई सेमीकंडक्टर उत्पादन लाइनें कहां शुरू हुई हैं?
CDIL Semiconductor की कमर्शियल उत्पादन लाइन मोहाली में और Suchi Semicon की पैकेजिंग लाइन सूरत में शुरू हुई है।
SEMICON India 2026 कब तक चलेगा?
कार्यक्रम 17 से 19 सितंबर 2026 तक यशोभूमि, नई दिल्ली में आयोजित हो रहा है।
Semicon 2.0 में किन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा?
चिप डिजाइन, मशीन और मटेरियल, फैब, एडवांस पैकेजिंग, R&D और टैलेंट डेवलपमेंट इसके प्रमुख क्षेत्र हैं।
समापन
SEMICON India 2026 में भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर की अगली दिशा सामने आई। मोहाली और सूरत में कमर्शियल उत्पादन शुरू होने के साथ देश का फोकस अब उत्पादन से आगे बढ़कर डिजाइन, पैकेजिंग, उपकरण, मटेरियल और रिसर्च के पूरे इकोसिस्टम पर है।