Madhya Pradesh News: भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री क्षेत्र में 15 सितंबर 2026 को नौसैनिक जहाजों की टक्कर की घटना सामने आई। यह घटना उत्तरी अरब सागर में हुई, जहां भारतीय नौसेना का एक अग्रिम युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। पाकिस्तान नौसेना का PNS Hunain भी क्षेत्र में मौजूद था।
भारतीय पक्ष के अनुसार, पाकिस्तानी जहाज तेज गति से भारतीय युद्धपोत के करीब आया और सुरक्षित तरीके से दिशा बदलने में असफल रहा। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच संपर्क हुआ। भारत ने घटना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुआ बताया है।
PNS Hunain को नुकसान, भारतीय जहाज मिशन पर रहा
उपलब्ध जानकारी के अनुसार टक्कर में PNS Hunain को काफी नुकसान हुआ। दूसरी ओर, भारतीय नौसेना के जहाज को कोई बड़ा या संरचनात्मक नुकसान होने की सूचना नहीं है और वह अपना निर्धारित मिशन जारी रखता रहा। किसी भारतीय पक्ष के घायल होने की भी सूचना नहीं दी गई है।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी जहाज के अगले हिस्से में नुकसान हुआ। घटना को लेकर दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए टक्कर की पूरी परिस्थितियों को लेकर अंतिम स्वतंत्र निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है।
भारत ने पाकिस्तान के राजनयिक को तलब किया
16 सितंबर को भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में पाकिस्तान के चार्ज द'अफेयर्स को तलब किया। भारत ने पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के व्यवहार पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारतीय पक्ष ने इसे अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण बताया।
भारत ने अपने इस कदम के साथ इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयों को संबंधित द्विपक्षीय समझौतों का पालन करना चाहिए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। इस्लामाबाद में तैनात भारतीय चार्ज द'अफेयर्स को भी समान विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
पाकिस्तान का क्या कहना है?
पाकिस्तान ने घटना की अलग व्याख्या की है। उसके विदेश मंत्रालय के अनुसार, घटना उस समय हुई जब पाकिस्तान नौसेना SEASPARK-26 अभ्यास कर रही थी। पाकिस्तान का आरोप है कि भारतीय नौसैनिक जहाज ने उसके जहाज के बेहद करीब आकर आक्रामक तरीके से दिशा बदली, जिससे दोनों जहाजों के बीच संपर्क हुआ।
पाकिस्तान ने यह भी कहा कि घटना उसके Exclusive Economic Zone (EEZ) में हुई और 1991 के द्विपक्षीय समझौते से जुड़े प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। भारत ने इस दावे से अलग स्थिति रखते हुए घटना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बताया है।
1991 के समझौते का मुद्दा क्या है?
भारत ने इस घटना के संदर्भ में अप्रैल 1991 के Agreement on Advance Notice on Military Exercises, Manoeuvres and Troops Movements के अनुच्छेद 10 का उल्लेख किया है।
इस प्रावधान के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संचालन के दौरान दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों को एक-दूसरे से कम से कम 3 नॉटिकल मील, यानी करीब 5.6 किलोमीटर, की दूरी बनाए रखने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य समुद्र में दुर्घटनाओं और गलतफहमी की संभावना कम करना है।
भारत का कहना है कि 15 सितंबर की घटना में इस प्रावधान का उल्लंघन हुआ। पाकिस्तान ने भी 1991 के समझौते का हवाला दिया है, लेकिन घटना की जिम्मेदारी को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं।
क्या यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी?
उपलब्ध आधिकारिक बयानों के आधार पर इसे जानबूझकर हमला घोषित नहीं किया गया है। भारत ने घटना को नौसैनिक जहाजों के असुरक्षित व्यवहार से जुड़ी टक्कर बताया है, जबकि पाकिस्तान ने भारतीय जहाज के कथित खतरनाक संचालन को जिम्मेदार ठहराया है।
इसलिए घटना के कारण और जिम्मेदारी पर दोनों देशों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
2011 की घटना का भी आया संदर्भ
इस घटना के बाद 2011 में अदन की खाड़ी में हुई एक पुरानी घटना का भी संदर्भ सामने आया। उस समय पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज PNS Babur और भारतीय नौसैनिक पोत INS Godavari के बीच करीबी संपर्क हुआ था, जिसमें भारतीय पोत के कुछ हिस्से को नुकसान की सूचना दी गई थी। दोनों देशों ने उस घटना को भी अलग-अलग तरीके से देखा था।
हालांकि, 2026 की घटना की परिस्थितियां और स्थान अलग हैं।
अब आगे क्या होगा?
दोनों देशों ने राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज कराया है। भारत ने पाकिस्तान से संबंधित सैन्य इकाइयों को समुद्र में सावधानी बरतने और द्विपक्षीय समझौतों का पालन करने को कहा है। पाकिस्तान ने भी भारतीय राजनयिक के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है।
आगे इस मामले में दोनों देशों के आधिकारिक स्पष्टीकरण और उपलब्ध जांच संबंधी जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
महत्वपूर्ण तथ्य
घटना की तारीख: 15 सितंबर 2026
स्थान: उत्तरी अरब सागर
पाकिस्तानी जहाज: PNS Hunain
भारतीय पक्ष: भारतीय नौसेना का अग्रिम युद्धपोत
भारत का दावा: घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई
पाकिस्तान का दावा: घटना उसके EEZ में हुई
PNS Hunain: नुकसान की सूचना
भारतीय युद्धपोत: कोई बड़ा संरचनात्मक नुकसान नहीं बताया गया
भारत की कार्रवाई: पाकिस्तान के चार्ज द'अफेयर्स को तलब किया
पाकिस्तान की कार्रवाई: भारतीय चार्ज द'अफेयर्स को तलब किया
द्विपक्षीय प्रावधान: 1991 समझौते का अनुच्छेद 10
दूरी संबंधी प्रावधान: 3 नॉटिकल मील
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. भारत और पाकिस्तान के नौसैनिक जहाज कब टकराए?
टक्कर 15 सितंबर 2026 की शाम उत्तरी अरब सागर में हुई।
2. किस पाकिस्तानी जहाज की टक्कर हुई?
पाकिस्तान नौसेना के PNS Hunain की भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत से टक्कर हुई।
3. क्या भारतीय युद्धपोत को नुकसान हुआ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय जहाज को कोई बड़ा या संरचनात्मक नुकसान नहीं हुआ और उसने अपना मिशन जारी रखा।
4. 1991 के समझौते में क्या प्रावधान है?
अनुच्छेद 10 अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दोनों देशों के नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों के बीच कम से कम 3 नॉटिकल मील की दूरी बनाए रखने से संबंधित है।
समापन
उत्तरी अरब सागर में भारतीय और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाजों की टक्कर के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक स्तर पर विरोध दर्ज हुआ है। भारत ने घटना को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बताते हुए 1991 के समझौते के अनुच्छेद 10 का हवाला दिया है। पाकिस्तान ने घटना की अलग व्याख्या करते हुए भारतीय जहाज पर अपने EEZ में खतरनाक संचालन का आरोप लगाया है।
फिलहाल दोनों पक्षों के आधिकारिक दावे अलग हैं। आगे की आधिकारिक जानकारी से घटना की परिस्थितियों पर और स्पष्टता मिल सकती है।