नई दिल्ली: ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। यह घटना खाड़ी ओमान में हुई, जहां जहाज पर कुल 24 भारतीय नागरिक सवार थे।
जहाज पर थे 24 भारतीय
पालाउ ध्वज वाले तेल टैंकर MT Settebello पर कुल 28 क्रू सदस्य मौजूद थे। इनमें 24 भारतीय और 4 विदेशी नागरिक शामिल थे। शुरुआती रिपोर्ट में 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया था, जबकि 3 नाविक लापता बताए गए थे। बाद में तीनों के शव बरामद हुए।
मृतकों की पहचान आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और मुख्य अभियंता पटनाला सुरेश के रूप में हुई है।
भारत ने अमेरिका के सामने उठाया मुद्दा
विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की है। भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। सरकार ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्र में तनाव कम करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहा और बचाव अभियान की निगरानी करता रहा।
क्यों हुआ हमला?
अमेरिकी सेना का दावा है कि टैंकर ईरानी तेल से जुड़े प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था। इसी आधार पर जहाज को निशाना बनाया गया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और आपात संदेश भेजा गया था।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
ओमान तट और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हाल के दिनों में कई समुद्री घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी।