नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत के साथ जारी सीमा विवाद पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संसद में कहा कि नेपाल और भारत दोनों ने एक-दूसरे की जमीन पर कब्जा किया हुआ है। पीएम शाह ने इस पुराने मामले को सुलझाने के लिए अब ब्रिटेन (UK) से दखल देने की मांग की है।
बालेन शाह का विवादित बयान
काठमांडू में रविवार को संसद के दौरान प्रधानमंत्री बालेन शाह ने सीमा विवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ भारत ने ही नहीं, बल्कि नेपाल ने भी कई जगहों पर भारतीय जमीन पर अतिक्रमण किया है। उनके इस बयान के बाद नेपाल की राजनीति और संसद में भारी हंगामा शुरू हो गया है।
ब्रिटेन से हस्तक्षेप की मांग
पीएम शाह ने कहा कि यह सीमा विवाद ब्रिटिश काल के समय का है। इसलिए उन्होंने इस मुद्दे पर ब्रिटेन की सरकार से भी बातचीत की है। उनका मानना है कि इस विवाद को सुलझाने में ब्रिटेन को भी दिलचस्पी लेनी चाहिए। शाह ने इस मुद्दे पर भारत और चीन दोनों पड़ोसियों से बात करने का दावा भी किया।
बातचीत से निकलेगा हल
नेपाल सरकार के अनुसार दोनों देश इस मसले को बातचीत से सुलझाना चाहते हैं। पीएम बालेन शाह ने बताया कि दोनों सरकारें जल्द ही इतिहासकारों और विशेषज्ञों की एक टीम बनाएंगी। यह टीम टेबल टॉक के जरिए जमीन से जुड़े विवादों का हल तलाशेगी। भारत ने हमेशा नेपाल के एकतरफा क्षेत्रीय दावों को खारिज किया है।