इंदौर, मध्य प्रदेश 28 May 2026
E-Indore Logo
होम / World / खुद को बौना बताकर 16 साल के लड़के ने लड़ा चुनाव, नाइजीरिय…
World

खुद को बौना बताकर 16 साल के लड़के ने लड़ा चुनाव, नाइजीरिया का हैरान करने वाला मामला

नाइजीरिया में 16 साल के एक लड़के महमूद सादिस बाबा ने खुद को 30 साल का बौना बताकर संसद का चुनाव लड़ लिया। कम लंबाई का फायदा उठाकर उसने फर्जी दस्तावेजों से पार्टी का टिकट भी हासिल कर लिया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर स्कूल के कागजात वायरल होने के बाद उसकी पोल खुल गई और पार्टी ने उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी।

ई-इंदौर डेस्क 28 May 2026 17 बार देखा गया World
खुद को बौना बताकर 16 साल के लड़के ने लड़ा चुनाव, नाइजीरिया का हैरान करने वाला मामला

खुद को बौना बताकर 16 साल के लड़के ने लड़ा चुनाव, नाइजीरिया का हैरान करने वाला मामला  |  ई-इंदौर फोटो

16-Year-Old Boy Faked Age To Contest Parliamentary Election In Nigeria

नाइजीरिया में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 16 साल के किशोर ने खुद को 30 साल का बताकर राष्ट्रीय असेंबली (संसद) का चुनाव लड़ लिया। इस लड़के ने अपनी कम हाइट का फायदा उठाया और लोगों से कहा कि वह एक बौना है। जब अधिकारियों को इसकी असली उम्र का पता चला, तो पूरे देश में हड़कंप मच गया।

उम्र छिपाकर पार्टी से टिकट हासिल किया

इस लड़के का नाम महमूद सादिस बाबा (महमूद सादिस बुबा) है। महमूद ने नाइजीरिया की प्रमुख राजनीतिक पार्टी ऑल प्रोग्रेसिव कांग्रेस (APC) से टिकट हासिल किया था। नाइजीरिया में चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष तय है। महमूद ने पार्टी को फर्जी दस्तावेज दिए और खुद को वयस्क साबित कर दिया।

सोशल मीडिया पर खुली पोल

महमूद सादिस बाबा ने अपने क्षेत्र में जोरों-शोरों से चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उसकी कुछ पुरानी तस्वीरें और स्कूल के दस्तावेज वायरल हो गए। इसके बाद लोगों ने उसकी असली उम्र पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। जांच में सामने आया कि उसकी वास्तविक उम्र केवल 15 से 16 साल के बीच है।

पार्टी ने लिया कड़ा एक्शन

मामला बढ़ने के बाद ऑल प्रोग्रेसिव कांग्रेस (APC) ने तुरंत कार्रवाई की। पार्टी ने महमूद सादिस बाबा की उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है। नाइजीरियाई चुनाव आयोग अब इस बात की जांच कर रहा है कि फर्जी दस्तावेजों के साथ उसने नामांकन कैसे दाखिल कर लिया।

नाइजीरिया के कानून के मुताबिक, चुनावी दस्तावेजों में हेरफेर करना एक गंभीर कानूनी अपराध है। इस घटना के बाद देश के चुनाव आयोग ने सभी उम्मीदवारों के आयु प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं।


E
संपादकीय टीम  ·  28 May 2026
पर वापस जाएंWorld