US-Iran Ceasefire पर संकट गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जुलाई को कहा कि उनके हिसाब से ईरान के साथ अंतरिम समझौता खत्म हो चुका है। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी वार्ताकारों को बातचीत जारी रखने की अनुमति दी है।
यह बयान Strait of Hormuz में तीन व्यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद आया। अमेरिका ने इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए नए सैन्य हमले किए हैं।
ईरान में 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमला
अमेरिकी सेना के अनुसार, ताजा कार्रवाई में 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड नेटवर्क, तटीय रडार और एंटी-शिप मिसाइल क्षमताएं शामिल थीं।
ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास, क़ेश्म और सिरिक क्षेत्रों में विस्फोटों की सूचना दी। ईरान की सेना ने अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देने की चेतावनी दी है।
ट्रंप ने समझौते पर क्या कहा?
अंकारा में NATO Summit के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके लिए समझौता अब खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरान से आगे बातचीत के परिणामों पर भी संदेह जताया।
यह अंतरिम समझौता जून में हुआ था। इसके तहत Hormuz मार्ग को दोबारा खोलने और ईरानी तेल बिक्री पर राहत देने जैसे कदम शामिल थे।
तेल बाजार पर तुरंत असर
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। Brent crude लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया।
Hormuz दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां लंबे समय तक तनाव रहने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री से जुड़ी अस्थायी राहत भी वापस ले ली है। दूसरी ओर, बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है।
फिलहाल US-Iran Ceasefire का भविष्य अनिश्चित है। नई सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के कारण पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ गया है।