NEET री-एग्जाम 2026 से पहले इंदौर पुलिस ने फर्जी प्रश्नपत्र गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो छात्रों को NEET का प्रश्नपत्र दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूल रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी ChatGPT की मदद से परीक्षा जैसे दिखने वाले नकली प्रश्नपत्र तैयार करता था।
ChatGPT से तैयार करता था फर्जी प्रश्नपत्र
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों से संपर्क करता था। वह दावा करता था कि उसके पास NEET री-एग्जाम का असली प्रश्नपत्र है।
जांच में पता चला कि आरोपी AI टूल्स और ChatGPT की मदद से मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पैटर्न जैसे प्रश्न तैयार करता था। इसके बाद इन्हें असली पेपर बताकर छात्रों को बेचा जाता था।
छात्रों से वसूली जा रही थी रकम
पुलिस के अनुसार, गिरोह अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से हजारों रुपये मांगता था। नकली प्रश्नपत्र भेजने के बदले ऑनलाइन भुगतान लिया जाता था।
अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी वास्तविक प्रश्नपत्र लीक होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। मामला फर्जी दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करने से जुड़ा है।
परीक्षा सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता
NEET री-एग्जाम को लेकर देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से पहले कोई भी व्यक्ति प्रश्नपत्र हासिल नहीं कर सकता। छात्रों को ऐसे दावों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
हाल ही में फर्जी पेपर और परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों के कारण सरकार ने Telegram पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया था। इसका उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और ठगी को रोकना था।
आगे क्या होगा?
इंदौर पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी कथित पेपर लीक या प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोह के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें