इंदौर में जल संकट अब सड़क और राजनीति दोनों जगह बड़ा मुद्दा बन गया है। पालदा क्षेत्र में पानी की कमी से नाराज लोगों ने चक्काजाम किया। कांग्रेस ने भी राजवाड़ा पर प्रदर्शन कर महापौर के इस्तीफे की मांग की।
नर्मदा सप्लाई पर उठे सवाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, जलूद से इंदौर भेजे जा रहे नर्मदा पानी में रोज 12 से 48 एमएलडी तक की कमी बताई गई है। इससे शहर की कई टंकियां पूरी तरह नहीं भर पा रहीं।
गर्मी बढ़ने के साथ मांग बढ़ी है, लेकिन सप्लाई कमजोर है। कई इलाकों में लोग टैंकरों और निजी स्रोतों पर निर्भर हैं।
बिल और पानी पर नाराजगी
कई महिलाओं ने अधिकारियों से पूछा कि जब पानी नहीं मिल रहा, तो बिल क्यों लिया जा रहा है। लोगों ने नियमित सप्लाई, टैंकर और पाइपलाइन सुधार की मांग की।
इंदौर का जल संकट अब विजय नगर, सुखलिया, नंदा नगर और पॉश कॉलोनियों तक पहुंच चुका है। पहले की रिपोर्ट्स में टैंकर के दाम 1000 रुपये तक पहुंचने की बात भी सामने आई थी।
कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
कांग्रेस ने राजवाड़ा पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। पार्टी ने जल संकट के लिए नगर निगम और महापौर को जिम्मेदार ठहराया।
आगे क्या होगा
नगर निगम पर सप्लाई सुधारने और लीकेज रोकने का दबाव बढ़ गया है। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर, पाइपलाइन जांच और जलूद सप्लाई मॉनिटरिंग बढ़ाई जा सकती है।
इंदौर में जल संकट ने गर्मी के बीच शहर की जल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।