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महू में गोदाम से 300 किलो जिलेटिन चोरी

महू के सीतापाट गांव में एक गोदाम से 300 किलो जिलेटिन रॉड चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी हुई सामग्री 12 बॉक्स में रखी थी। बैडगोंडा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोदाम संचालक के पास विस्फोटक रखने का लाइसेंस था।

ई-इंदौर डेस्क 09 Sep 2026 19 बार देखा गया Crime
महू में गोदाम से 300 किलो जिलेटिन चोरी

महू में गोदाम से 300 किलो जिलेटिन चोरी  |  ई-इंदौर फोटो

indore crime news: महू के सीतापाट गांव में एक गोदाम से करीब 300 किलो जिलेटिन रॉड चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी की घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। गोदाम संचालक को सोमवार शाम चोरी का पता चला, जिसके बाद बैडगोंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

चोरी हुई जिलेटिन रॉड 12 बॉक्स में रखी थीं और उनकी कुल कीमत करीब 35 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुख्य घटना

सीतापाट गांव में यह गोदाम इंदौर के चंदननगर के पास स्थित सिंदोरा गांव निवासी सूरज पाटीदार का बताया गया है। सोमवार देर शाम उन्हें गोदाम से जिलेटिन रॉड गायब होने की जानकारी मिली।

पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए सामान में 40 एमएम की जिलेटिन रॉड वाले तीन बॉक्स थे, जिनका कुल वजन 75 किलो था। इसके अलावा 25 एमएम की रॉड वाले नौ बॉक्स थे, जिनका वजन 225 किलो था। इस तरह कुल 12 बॉक्स से 300 किलो सामग्री चोरी हुई।

पृष्ठभूमि

गोदाम संचालक के अनुसार उनके पास 4,750 किलो तक विस्फोटक सामग्री रखने का लाइसेंस है। यह सामग्री सड़क निर्माण, पत्थर खदानों और कुएं व नहर निर्माण जैसे कामों में इस्तेमाल की जाती है।

मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि चोरी हुई सामग्री सामान्य सामान नहीं है और इसका इस्तेमाल औद्योगिक एवं निर्माण गतिविधियों में किया जाता है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि चोरी के पीछे किसका हाथ है या सामग्री को कहां ले जाया गया।

प्रशासन की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद बैडगोंडा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चोरी की जांच के लिए एक टीम गठित की है।

पुलिस अब गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, घटना के समय की गतिविधियों और चोरी के संभावित रास्तों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और चोरी की गई सामग्री की बरामदगी जांच का प्रमुख हिस्सा है।

अब आगे क्या होगा

पुलिस चोरी की गई जिलेटिन रॉड को बरामद करने और आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में गोदाम के आसपास की गतिविधियों और उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाएगा।

फिलहाल पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि चोरी के पीछे कितने लोग थे या जिलेटिन रॉड को किस उद्देश्य से चोरी किया गया।

जनता पर प्रभाव

इस तरह की सामग्री की चोरी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मामला है। चोरी की गई जिलेटिन रॉड यदि गलत हाथों में पहुंचती हैं तो उनके दुरुपयोग की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

इसलिए पुलिस के लिए चोरी हुई पूरी सामग्री की जल्द बरामदगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • घटना महू के सीतापाट गांव में हुई।

  • गोदाम से कुल 300 किलो जिलेटिन रॉड चोरी हुई।

  • चोरी की सामग्री 12 बॉक्स में रखी थी।

  • तीन बॉक्स में 40 एमएम की रॉड और नौ बॉक्स में 25 एमएम की रॉड थीं।

  • चोरी हुए सामान की कीमत करीब 35 हजार रुपये बताई गई है।

  • गोदाम संचालक के पास 4,750 किलो तक विस्फोटक रखने का लाइसेंस था।

  • बैडगोंडा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।

  • पुलिस ने जांच के लिए टीम गठित की है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. महू में क्या चोरी हुआ है?
सीतापाट गांव के एक गोदाम से कुल 300 किलो जिलेटिन रॉड चोरी हुई हैं।

प्रश्न 2. चोरी हुई जिलेटिन रॉड की कीमत कितनी है?
पुलिस के अनुसार चोरी हुई 300 किलो सामग्री की कीमत करीब 35 हजार रुपये है।

प्रश्न 3. जिलेटिन रॉड का इस्तेमाल कहां होता है?
गोदाम संचालक के अनुसार ऐसी सामग्री का इस्तेमाल सड़क निर्माण, पत्थर खदानों और कुएं व नहर निर्माण जैसे कार्यों में किया जाता है।

प्रश्न 4. क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
अभी उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपियों की पहचान नहीं हुई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

समापन

महू के सीतापाट गांव में गोदाम से 300 किलो जिलेटिन रॉड चोरी होने से सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। बैडगोंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच टीम बनाई है। अब पुलिस के सामने चोरी की सामग्री बरामद करने और अज्ञात आरोपियों की पहचान करने की चुनौती है।

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