indian navy ships: भारतीय नौसेना को आठ नए अत्याधुनिक युद्धपोत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। रक्षा मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को ₹53,866 करोड़ के दो अनुबंध किए। इन समझौतों के तहत देश की दो सरकारी शिपयार्ड कंपनियां अगली पीढ़ी के कॉर्वेट युद्धपोत बनाएंगी।
नए जहाज समुद्र में निगरानी, सुरक्षा और दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने जैसे अभियानों में उपयोगी होंगे। इस परियोजना का उद्देश्य नौसेना की समुद्री रक्षा क्षमता बढ़ाना है।
दो भारतीय कंपनियों को मिली जिम्मेदारी
रक्षा मंत्रालय ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) के साथ अनुबंध किए हैं।
दोनों कंपनियां चार-चार युद्धपोतों का निर्माण करेंगी। इस तरह नौसेना को कुल आठ Next Generation Corvettes मिलेंगे।
यह परियोजना स्वदेशी जहाज निर्माण को बढ़ावा देने की सरकारी नीति से भी जुड़ी है।
क्या खास होगा नए युद्धपोतों में?
कॉर्वेट आकार में फ्रिगेट और विध्वंसक युद्धपोतों से छोटे होते हैं। इन्हें समुद्री गश्त, निगरानी और विशेष रक्षा अभियानों के लिए तैयार किया जाता है।
नए युद्धपोतों में आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम लगाए जाएंगे। ये जहाज समुद्री सतह, हवा और पानी के भीतर मौजूद खतरों से निपटने में मदद करेंगे।
पनडुब्बी रोधी अभियानों में इनकी भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगी।
पहली बार नौसेना तैयार करेगी डिजाइन
इस परियोजना की एक खास बात युद्धपोतों का स्वदेशी डिजाइन है। भारतीय नौसेना पहली बार इन कॉर्वेट का डिजाइन स्वयं तैयार करेगी।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। GRSE पांच और GSL तीन युद्धपोत बनाएगी।
रोजगार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के अनुमान के अनुसार, अगले दस वर्षों में शिपयार्ड में लगभग 72 लाख व्यक्ति-दिवस रोजगार पैदा हो सकता है।
सहायक उद्योगों और MSME में करीब 460 लाख व्यक्ति-दिवस काम मिलने की उम्मीद है। यह अनुमान है, रोजगार की निश्चित संख्या नहीं।
समुद्री सुरक्षा पर रहेगा जोर
नए जहाज समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और तटीय निगरानी मजबूत करेंगे। आधुनिक मिसाइलों और सेंसर से उनकी अभियान क्षमता बढ़ेगी।
indian navy ships की इस परियोजना में घरेलू उपकरणों और तकनीक को प्राथमिकता मिलेगी। इससे भारतीय जहाज निर्माण उद्योग को भी फायदा हो सकता है।
अब आगे क्या होगा?
अनुबंध के बाद युद्धपोतों के निर्माण, परीक्षण और नौसेना को आपूर्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आठों जहाजों की निश्चित डिलीवरी तारीख की पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
FAQs
1. भारतीय नौसेना को कितने नए युद्धपोत मिलेंगे?
भारतीय नौसेना को 8 नए Next Generation Corvettes युद्धपोत मिलेंगे। ये समुद्री सुरक्षा और पनडुब्बी रोधी अभियानों में मदद करेंगे।
2. भारतीय नौसेना के 8 युद्धपोतों का सौदा कितने करोड़ रुपये का है?
रक्षा मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को करीब ₹53,866 करोड़ के अनुबंध किए हैं। इनका उद्देश्य नौसेना की समुद्री रक्षा क्षमता बढ़ाना है।
3. भारतीय नौसेना के नए युद्धपोत कौन-सी कंपनियां बनाएंगी?
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) पांच और गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) तीन युद्धपोत बनाएंगी।
4. Next Generation Corvettes की क्या खासियत होगी?
इन युद्धपोतों में आधुनिक हथियार और सेंसर सिस्टम होंगे। ये समुद्री निगरानी, पनडुब्बियों की पहचान और सुरक्षा अभियानों में उपयोगी होंगे।
5. भारतीय नौसेना के नए युद्धपोत कब मिलेंगे?
युद्धपोतों के निर्माण और आपूर्ति की निश्चित तारीख की पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
6. इस रक्षा सौदे से भारत को क्या फायदा होगा?
इस परियोजना से समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी। स्वदेशी जहाज निर्माण, तकनीकी विकास और संबंधित उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
7. भारतीय नौसेना के नए युद्धपोतों का डिजाइन कौन तैयार करेगा?
इन Next Generation Corvettes का डिजाइन भारतीय नौसेना स्वयं तैयार करेगी। इससे स्वदेशी रक्षा तकनीक और जहाज निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।