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55 साल के व्यक्ति में 3.1 किलो की पथरी, 17 सेमी की ब्लैडर स्टोन कैसे बनी?

श्रीलंका में 55 वर्षीय व्यक्ति के मूत्राशय से 3.1 किलो की 17 सेमी ब्लैडर स्टोन निकाली गई। जानिए इतनी बड़ी पथरी कैसे बनती है और इसके कारण क्या हैं।

ई-इंदौर डेस्क 19 Aug 2026 14 बार देखा गया Health
55 साल के व्यक्ति में 3.1 किलो की पथरी, 17 सेमी की ब्लैडर स्टोन कैसे बनी?

55 साल के व्यक्ति में 3.1 किलो की पथरी, 17 सेमी की ब्लैडर स्टोन कैसे बनी?  |  ई-इंदौर फोटो

श्रीलंका के त्रिंकोमाली डिस्ट्रिक्ट जनरल अस्पताल में डॉक्टरों ने 55 वर्षीय व्यक्ति के मूत्राशय से 3.1 किलो वजन की विशाल पथरी निकाली है। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी लंबाई करीब 17 सेमी थी और डॉक्टर इसे अब तक सर्जरी से निकाली गई सबसे बड़ी ब्लैडर स्टोन में से एक मान रहे हैं।

मरीज को पहले स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान डॉक्टरों को पेशाब करने में परेशानी की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच में मूत्राशय में यह विशाल पथरी मिली। सर्जरी करने वाली टीम का कहना है कि मरीज की हालत अच्छी है।

इतनी बड़ी पथरी आखिर बनी कैसे?

ब्लैडर स्टोन यानी मूत्राशय की पथरी तब बनती है, जब पेशाब में मौजूद खनिज पदार्थ क्रिस्टल का रूप लेने लगते हैं। ये छोटे कण समय के साथ जुड़कर ठोस पथरी बन सकते हैं। इसका एक बड़ा कारण मूत्राशय का पूरी तरह खाली न होना है।

जब पेशाब लंबे समय तक मूत्राशय में जमा रहता है, तो वह अधिक सघन हो सकता है। ऐसे में खनिजों के क्रिस्टल बनने और धीरे-धीरे पथरी का आकार बढ़ने की संभावना रहती है।

इस मामले में डॉक्टरों का अनुमान है कि यह 3.1 किलो की ब्लैडर स्टोन करीब 5 से 10 साल में धीरे-धीरे विकसित हुई होगी। हालांकि मरीज में यह पथरी बनने का सटीक कारण सार्वजनिक रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं किया गया है।

किन कारणों से बढ़ सकता है ब्लैडर स्टोन का खतरा?

मूत्राशय की पथरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पेशाब का पूरी तरह बाहर न निकलना, पेशाब की नली में रुकावट, बढ़ा हुआ प्रोस्टेट, बार-बार संक्रमण और कुछ अन्य मूत्र संबंधी समस्याएं शामिल हैं।

कई मामलों में शुरुआत में पथरी छोटी होती है। समय पर जांच और इलाज न होने पर उसका आकार बढ़ सकता है। बड़ी पथरी पेशाब के रास्ते में रुकावट और संक्रमण जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती है।

मरीज में इतनी देर तक इसका पता क्यों नहीं चला?

ब्लैडर स्टोन के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। कुछ लोगों को पेशाब करते समय दर्द, बार-बार पेशाब की जरूरत, पेशाब शुरू करने में दिक्कत या पेशाब की धार रुकने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

कुछ मामलों में पथरी का पता किसी दूसरी बीमारी की जांच के दौरान भी चलता है। इस 55 वर्षीय मरीज के मामले में भी पेशाब करने में परेशानी सामने आने के बाद जांच की गई और विशाल पथरी का पता चला।

डॉक्टरों ने क्या कार्रवाई की?

डॉक्टरों ने सर्जरी कर 3.1 किलो की पथरी को मूत्राशय से बाहर निकाला। इतनी बड़ी पथरी सामान्य रूप से अपने आप निकलना संभव नहीं होती, इसलिए बड़े आकार की ब्लैडर स्टोन में सर्जरी या अन्य चिकित्सकीय प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है।

अस्पताल के अनुसार, यह मामला विश्व रिकॉर्ड के लिए भी दावा किया जा सकता है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार इससे पहले 2003 में ब्राजील में 1.9 किलो की ब्लैडर स्टोन हटाए जाने का रिकॉर्ड था। हालांकि नए मामले को आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता मिलने की प्रक्रिया अलग से तय होगी।

लोगों के लिए क्या है जरूरी जानकारी?

पेशाब करने में लगातार परेशानी, धार कमजोर होना, बार-बार पेशाब आना या पेशाब के दौरान दर्द जैसे लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं और सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है।

समय पर जांच से पथरी या मूत्र मार्ग की अन्य समस्याओं का पता लगाया जा सकता है। हर मरीज की स्थिति अलग होती है, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी तय नहीं करनी चाहिए।

महत्वपूर्ण बातें

  • मरीज की उम्र: 55 साल
  • निकाली गई पथरी का वजन: 3.1 किलो
  • पथरी की लंबाई: करीब 17 सेमी
  • स्थान: त्रिंकोमाली डिस्ट्रिक्ट जनरल अस्पताल, श्रीलंका
  • पथरी का अनुमानित विकास समय: 5 से 10 साल
  • पथरी का पता: पेशाब करने में परेशानी की जांच के दौरान
  • इलाज: सर्जरी से पथरी निकाली गई
  • मरीज की हालत: रिपोर्ट के अनुसार अच्छी बताई गई

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1. ब्लैडर स्टोन क्या होती है?

यह मूत्राशय में बनने वाली खनिजों की कठोर पथरी होती है। यह अक्सर तब बनती है, जब मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हो पाता।

सवाल 2. 3.1 किलो की ब्लैडर स्टोन कितनी बड़ी थी?

इसका वजन 3.1 किलो था और लंबाई करीब 17 सेमी बताई गई है। इसे सर्जरी के जरिए निकाला गया।

सवाल 3. इतनी बड़ी पथरी बनने में कितना समय लगा?

डॉक्टरों का अनुमान है कि यह पथरी करीब 5 से 10 साल में धीरे-धीरे विकसित हुई होगी।

सवाल 4. ब्लैडर स्टोन के सामान्य लक्षण क्या हैं?

पेशाब करने में दिक्कत, दर्द, बार-बार पेशाब आना, धार रुकना या मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का अहसास इसके संभावित लक्षण हो सकते हैं।

श्रीलंका में सामने आया यह मामला दिखाता है कि मूत्र संबंधी परेशानी लंबे समय तक रहने पर जांच कराना जरूरी है। 55 वर्षीय व्यक्ति के मूत्राशय से निकली 3.1 किलो की ब्लैडर स्टोन करीब 17 सेमी लंबी थी और डॉक्टरों के अनुसार यह वर्षों में धीरे-धीरे विकसित हुई हो सकती है।

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