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Creators को 1 लाख Views पर ₹10,000: क्या यह सरकारी पैसे की बर्बादी है?

बिहार सरकार सरकारी योजनाओं पर वीडियो बनाने वाले पात्र Creators को 1 लाख Views पर ₹10,000 देगी। जानिए सरकार ऐसा क्यों कर रही है और क्या यह Waste of Money है।

ई-इंदौर डेस्क 21 Aug 2026 14 बार देखा गया India
Creators को 1 लाख Views पर ₹10,000: क्या यह सरकारी पैसे की बर्बादी है?

Creators को 1 लाख Views पर ₹10,000: क्या यह सरकारी पैसे की बर्बादी है?  |  ई-इंदौर फोटो

बिहार सरकार ने सरकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और उपलब्धियों पर वीडियो बनाने वाले पात्र Social Media Creators के लिए नई प्रोत्साहन व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसके तहत 1 लाख Views मिलने पर ₹10,000 तक का भुगतान किया जाएगा।

यही फैसला अब सवाल खड़ा कर रहा है कि जब सरकार Public Money खर्च करेगी, तो क्या यह सिर्फ सोशल मीडिया प्रचार पर पैसा खर्च करना है या इससे लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में वास्तव में मदद मिलेगी?

1 लाख Views पर ₹10,000 का पूरा मामला क्या है?

नई व्यवस्था के अनुसार, सरकार की निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले और सरकारी योजनाओं से जुड़े पात्र वीडियो पर Views के आधार पर भुगतान किया जाएगा। 1 लाख Views पर ₹10,000 तक की प्रोत्साहन राशि तय की गई है।

अगर किसी एक वीडियो को 10 लाख Views मिलते हैं, तो भुगतान अधिकतम ₹1 लाख तक पहुंच सकता है। 10 लाख से ज्यादा Views आने पर भी एक वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान की सीमा ₹1 लाख बताई गई है।

यह पैसा हर व्यक्ति को सिर्फ वीडियो पोस्ट करने पर नहीं मिलेगा। रिपोर्टों के अनुसार, व्यवस्था मुख्य रूप से सरकार के Information and Public Relations Department से Empanelled Social Media Creators और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले खातों के लिए है। Views और अन्य जरूरी आंकड़ों का सत्यापन भी किया जाएगा।

सरकार Creators को पैसा क्यों देना चाहती है?

इस फैसले के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी ज्यादा लोगों तक पहुंचाना बताया गया है।

आज बड़ी संख्या में लोग सरकारी जानकारी के लिए सिर्फ अखबार या टीवी पर निर्भर नहीं हैं। Instagram, YouTube, Facebook और अन्य Social Media Platforms पर छोटे वीडियो तेजी से लोगों तक पहुंचते हैं।

सरकार की सोच यह है कि अगर Creators आसान भाषा में किसी योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया समझाएं, तो ज्यादा लोग उस जानकारी तक पहुंच सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य Digital Outreach और लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।

क्या यह सरकारी पैसे की बर्बादी है?

इस सवाल का सीधा जवाब अभी हां या नहीं में नहीं दिया जा सकता। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार के खर्च से वास्तव में कितना Public Benefit मिलता है।

अगर किसी Creator के वीडियो से लाखों लोगों को किसी ऐसी सरकारी योजना की सही जानकारी मिलती है, जिसके बारे में वे पहले नहीं जानते थे, तो इसे एक Digital Awareness Campaign के रूप में देखा जा सकता है।

लेकिन दूसरी तरफ सवाल यह भी रहेगा कि Views असली हैं या नहीं, वीडियो की जानकारी कितनी सही है और ₹10,000 या ₹1 लाख के भुगतान के बदले जनता तक कितनी उपयोगी जानकारी पहुंची। इसलिए इस योजना की सफलता केवल Views से नहीं, बल्कि उसके वास्तविक असर से तय होगी।

सरकार की पुरानी सोशल मीडिया व्यवस्था क्या कहती है?

बिहार की Social Media and Online Media Policy का उद्देश्य भी सरकारी नीतियों, कल्याणकारी कार्यक्रमों और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाना है।

सरकारी पोर्टल पर Empanelment के लिए Social Media Accounts और Online Platforms के लिए अलग पात्रता शर्तें दी गई हैं। विभाग की ओर से डेटा और पात्रता की जांच का प्रावधान भी बताया गया है।

इसलिए नई व्यवस्था को केवल “वीडियो बनाओ और पैसे लो” के रूप में नहीं देखा जा सकता। भुगतान के लिए Empanelment और सरकारी शर्तों को पूरा करना जरूरी बताया गया है।

आगे क्या देखना होगा?

अब सबसे अहम बात यह होगी कि इस व्यवस्था के तहत कितने Creators को भुगतान मिलता है और कुल कितना सरकारी पैसा खर्च होता है।

साथ ही Views की Verification, Content की गुणवत्ता और गलत जानकारी रोकने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। अगर निगरानी मजबूत रही और जानकारी वास्तव में लोगों तक पहुंची, तो सरकार इसे पारंपरिक प्रचार के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकती है।

लेकिन अगर फोकस केवल बड़े View Count पर रहा और जनता को उपयोगी जानकारी नहीं मिली, तो Public Money के इस्तेमाल पर सवाल और बढ़ सकते हैं।

जनता के लिए इसका क्या मतलब है?

इस पहल से सरकारी योजनाओं की जानकारी छोटे और आसान वीडियो के जरिए ज्यादा लोगों तक पहुंच सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें लंबी सरकारी वेबसाइट या दस्तावेज समझने में परेशानी होती है।

हालांकि लोगों को सिर्फ सोशल मीडिया वीडियो देखकर किसी योजना के लिए आवेदन नहीं करना चाहिए। पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की अंतिम पुष्टि हमेशा संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक जानकारी से करनी चाहिए।

महत्वपूर्ण बातें

  • बिहार सरकार ने Social Media Creators के लिए Views आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था को मंजूरी दी है।
  • 1 लाख Views पर ₹10,000 तक का भुगतान तय किया गया है।
  • एक वीडियो पर अधिकतम ₹1 लाख तक भुगतान की सीमा बताई गई है।
  • यह सुविधा हर वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति को अपने-आप नहीं मिलेगी।
  • Empanelment और अन्य सरकारी शर्तें पूरी करना जरूरी है।
  • मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की Digital Reach बढ़ाना है।
  • योजना की असली सफलता इस बात से तय होगी कि खर्च के बदले लोगों तक कितनी उपयोगी और सही जानकारी पहुंचती है।

सवाल-जवाब

सवाल 1. बिहार में Creators को ₹10,000 कब मिलेंगे?

निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करने वाले योग्य वीडियो को 1 लाख Views मिलने पर ₹10,000 तक का भुगतान किया जा सकता है।

सवाल 2. क्या हर Instagram या YouTube Creator को यह पैसा मिलेगा?

नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भुगतान के लिए Empanelment और सरकार की तय शर्तों को पूरा करना जरूरी है।

सवाल 3. एक वीडियो से अधिकतम कितनी राशि मिल सकती है?

एक वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान ₹1 लाख तक सीमित बताया गया है।

सवाल 4. क्या यह सरकारी पैसे की बर्बादी है?

यह अभी इस बात पर निर्भर करेगा कि इस खर्च से कितने लोगों तक सही सरकारी जानकारी पहुंचती है और योजना की निगरानी कितनी प्रभावी रहती है। केवल Views के आधार पर इसे सफल या असफल कहना जल्दबाजी होगी।

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