Cough Syrup Rule 2026 के तहत सरकार ने दवाओं की बिक्री से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है। अब कई प्रकार के कफ सिरप और तरल दवाएं खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची दिखानी होगी।
सरकार का कहना है कि दवाओं के गलत उपयोग और दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। नए नियम मानसून सीजन से पहले लागू किए गए हैं।
क्या बदला है नए नियम में?
Cough Syrup Rule 2026 के अनुसार कुछ दवाओं को अब नियंत्रित श्रेणी में रखा गया है। मेडिकल स्टोर संचालकों को बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन ऐसी दवाएं बेचने की अनुमति नहीं होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब दवा बिक्री के लिए लाइसेंस और नियमों का पालन अनिवार्य होगा।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
स्वास्थ्य मंत्रालय का मानना है कि कुछ कफ सिरप का दुरुपयोग बढ़ रहा था। कई मामलों में इन दवाओं का इस्तेमाल निर्धारित चिकित्सा उद्देश्य से अलग किया जा रहा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि नियंत्रित बिक्री से मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी और दवाओं का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।
मरीजों और दुकानदारों पर असर
अब मरीजों को कई खांसी की दवाएं खरीदने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी होगी। मेडिकल स्टोर संचालकों को भी रिकॉर्ड रखने और नियमों का पालन करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम जिम्मेदार दवा उपयोग को बढ़ावा देगा।
आगे क्या?
राज्य औषधि विभाग और संबंधित एजेंसियां नए नियमों के पालन की निगरानी करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
सरकार का उद्देश्य दवाओं की उपलब्धता बनाए रखते हुए उनके दुरुपयोग को रोकना है।