असम में हर साल क्यों आती है बाढ़?
असम में हर साल बाढ़ बड़ी आपदा बनकर सामने आती है। इसका मुख्य कारण ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों में बढ़ता जलस्तर है।
भारी बारिश, पहाड़ी इलाकों से आने वाला पानी और नदी में गाद जमा होना स्थिति को गंभीर बनाते हैं। इससे कई जिलों में गांव और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी क्यों बनती है बड़ी वजह?
ब्रह्मपुत्र दुनिया की बड़ी नदियों में शामिल है। असम में इसका प्रवाह तेज है और नदी का बड़ा हिस्सा बाढ़ के मैदान से गुजरता है।
मानसून के दौरान ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश होती है। इसका पानी तेजी से नदी में पहुंचता है और जलस्तर बढ़ जाता है।
नदी में गाद जमा होने से बढ़ती है परेशानी
ब्रह्मपुत्र अपने साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी और गाद लाती है। यह गाद नदी की तलहटी में जमा होती रहती है।
इससे नदी की पानी संभालने की क्षमता प्रभावित होती है। कई जगह नदी अपना रास्ता बदलती है और कटाव तेज हो जाता है।
पहाड़ी बारिश और भूस्खलन का असर
असम के आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान तेज बारिश होती है। वहां से आने वाला पानी नदियों में अचानक बढ़ोतरी करता है।
भूस्खलन और पहाड़ी नदियों का तेज बहाव भी बाढ़ का खतरा बढ़ाता है। इससे निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलता है।
जलवायु परिवर्तन भी बढ़ा रहा खतरा
मौसम में बदलाव के कारण बारिश का पैटर्न भी प्रभावित हो रहा है। कम समय में ज्यादा बारिश होने से अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ता है।
असम में नदी कटाव और बाढ़ पहले से बड़ी चुनौती हैं। बदलते मौसम के कारण आने वाले वर्षों में इनसे निपटना और कठिन हो सकता है।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर कहां पड़ता है?
असम के निचले और नदी किनारे वाले क्षेत्रों में बाढ़ का असर ज्यादा दिखाई देता है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ता है।
बाढ़ के दौरान सड़क, खेती और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित होती है। राहत और बचाव दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने का प्रयास करते हैं।
असम में हर साल आने वाली बाढ़ के पीछे केवल भारी बारिश जिम्मेदार नहीं है। ब्रह्मपुत्र का तेज बहाव, गाद, नदी कटाव और भौगोलिक स्थिति भी बड़ी वजह हैं।