इंदौर लोड हो रहा है... 147,137 विज़िटर्स
ई-इंदौर लोगो
होम / India / सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा: याचिकाकर्ता ने जजों…
India

सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा: याचिकाकर्ता ने जजों पर फेंके कागज, कोर्ट रूम से बाहर निकाला गया

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने अचानक हंगामा कर दिया। उसने न्यायाधीशों की ओर कागज फेंके और अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उसे कोर्ट रूम से बाहर ले जाया।

ई-इंदौर डेस्क 11 Jul 2026 55 बार देखा गया India
सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा: याचिकाकर्ता ने जजों पर फेंके कागज, कोर्ट रूम से बाहर निकाला गया

सुप्रीम कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा: याचिकाकर्ता ने जजों पर फेंके कागज, कोर्ट रूम से बाहर निकाला गया  |  ई-इंदौर फोटो

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को Supreme Court Drama का एक असामान्य मामला सामने आया। सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें रखते हुए अचानक जजों की ओर कागज फेंक दिए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना उस समय हुई जब पीठ याचिका पर सुनवाई कर रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिकाकर्ता की दलीलें स्पष्ट नहीं थीं और अदालत द्वारा समझाने के बाद भी उसका व्यवहार सामान्य नहीं हुआ।

सुनवाई के दौरान बढ़ा विवाद

कोर्ट ने याचिकाकर्ता को शांत रहने और प्रक्रिया का पालन करने के लिए कहा। इसके बावजूद उसने कागज फेंक दिए और ऊंची आवाज में बोलने लगा।

स्थिति बिगड़ने पर कोर्ट के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। इसके बाद उसे कोर्ट रूम से बाहर ले जाया गया और सुनवाई आगे बढ़ाई गई।

न्यायाधीशों ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि अदालत सभी पक्षों को सुनने के लिए तैयार रहती है, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया में व्यवधान स्वीकार नहीं किया जा सकता।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यायाधीशों ने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके प्रति सहानुभूति रखी जा सकती है, लेकिन अदालत की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

याचिका हुई खारिज

हंगामे के बाद अदालत ने संबंधित याचिका पर आगे सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया सम्मानजनक और व्यवस्थित तरीके से ही चल सकती है।

इस घटना ने सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और अदालत की कार्यवाही के दौरान अनुशासन के महत्व को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।

कोर्ट की गरिमा बनाए रखने पर जोर

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए तय नियमों का पालन करना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना के बाद भी नियमित मामलों की सुनवाई जारी रखी। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित नियमों के अनुसार की जा सकती है।

पर वापस जाएंIndia