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केरल हुआ केरलम: क्यों बदला राज्य का नाम, कब से था Kerala? जानिए पूरी कहानी

केरल अब आधिकारिक रूप से केरलम कहलाएगा। जानिए नाम बदलने का फैसला क्यों हुआ, Kerala नाम कब से था और Keralam बनने की पूरी संवैधानिक प्रक्रिया क्या रही।

ई-इंदौर डेस्क 18 Aug 2026 20 बार देखा गया India
केरल हुआ केरलम: क्यों बदला राज्य का नाम, कब से था Kerala? जानिए पूरी कहानी

केरल हुआ केरलम: क्यों बदला राज्य का नाम, कब से था Kerala? जानिए पूरी कहानी  |  ई-इंदौर फोटो

केरल हुआ केरलम। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य का आधिकारिक नाम अब केरलम हो गया है और इसके लिए संविधान की पहली अनुसूची में भी आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

नाम बदलने का मुख्य कारण राज्य की मलयालम भाषाई और सांस्कृतिक पहचान है। मलयालम भाषा में राज्य का नाम पहले से ही केरलम है, जबकि संविधान की पहली अनुसूची में इसे केरल दर्ज किया गया था।

केरल हुआ केरलम, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बना

केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक को पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा ने मंजूरी दी। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की स्वीकृति मिलने से यह कानून बन गया।

विधेयक में राज्य का नाम Kerala से Keralam करने और संविधान की पहली अनुसूची में जरूरी संशोधन का प्रावधान है। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत पूरी की गई।

केरल का नाम केरलम क्यों रखा गया?

इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण स्थानीय भाषा और पहचान है। मलयालम में राज्य को पहले से ही “केरलम” कहा जाता है।

केरल विधानसभा ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि मलयालम भाषी लोगों के लिए बने राज्य का स्थानीय भाषा में नाम केरलम है, लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में नाम केरल दर्ज है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए नाम बदलने की मांग की गई।

यानी इस बदलाव का उद्देश्य राज्य के आधिकारिक नाम को उसकी स्थानीय मलयालम पहचान और उच्चारण के अनुरूप करना है।

Kerala नाम कब से था?

भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के दौरान 1 नवंबर 1956 को केरल राज्य का गठन हुआ था। इसी दिन को हर साल केरल पिरवी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

राज्य गठन के बाद संविधान की पहली अनुसूची में इसका नाम Kerala दर्ज किया गया। जबकि स्थानीय मलयालम भाषा में इसे Keralam कहा जाता रहा।

इसलिए मौजूदा बदलाव किसी नए नाम को अपनाने का नहीं, बल्कि आधिकारिक नाम को स्थानीय भाषाई पहचान के अनुसार Keralam करने का फैसला है।

नाम बदलने की प्रक्रिया कब शुरू हुई?

केरल से केरलम बनने की प्रक्रिया एक दिन में पूरी नहीं हुई। इसके लिए कई संवैधानिक और विधायी चरण पूरे किए गए।

पहले केरल विधानसभा ने 2023 में नाम बदलने के पक्ष में प्रस्ताव पारित किया था। बाद में तकनीकी बदलावों के बाद विधानसभा ने 24 जून 2024 को फिर सर्वसम्मति से केंद्र से राज्य का नाम केरलम करने की मांग की।

इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रस्ताव पर विचार किया और फरवरी 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। राष्ट्रपति के संदर्भ के बाद केरल विधानसभा ने विधेयक पर अपनी सहमति दी और फिर इसे संसद में पारित किया गया।

नाम बदलने की संवैधानिक प्रक्रिया क्या रही?

किसी राज्य का नाम बदलने का अधिकार संसद के पास है। संविधान का अनुच्छेद 3 मौजूदा राज्यों के नाम में बदलाव की प्रक्रिया का प्रावधान करता है।

ऐसे मामले में विधेयक को राष्ट्रपति की सिफारिश के आधार पर आगे बढ़ाया जाता है। संबंधित राज्य की विधानसभा से भी उसकी राय ली जाती है।

केरल के मामले में विधानसभा की मांग, केंद्र की मंजूरी, राष्ट्रपति का संदर्भ, राज्य विधानसभा की सहमति, संसद की मंजूरी और आखिर में राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह प्रक्रिया पूरी हुई।

लोगों और आधिकारिक कामकाज पर क्या असर पड़ेगा?

अब आधिकारिक रूप से राज्य का नाम केरलम होगा। संविधान की पहली अनुसूची में भी Kerala की जगह Keralam दर्ज करने के लिए संशोधन किया जाएगा।

इस बदलाव का सीधा असर सरकारी और कानूनी दस्तावेजों, आधिकारिक पत्राचार और भविष्य के रिकॉर्ड में राज्य के नाम के उपयोग पर पड़ेगा। हालांकि आम लोगों के व्यक्तिगत दस्तावेजों में तत्काल क्या बदलाव करना होगा, इस पर इस विधेयक की खबर में अलग से कोई निर्देश नहीं बताया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी।
  • अब राज्य का आधिकारिक नाम केरलम होगा।
  • मलयालम भाषा में राज्य को पहले से केरलम कहा जाता है।
  • केरल राज्य का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था।
  • संविधान की पहली अनुसूची में अब तक नाम Kerala दर्ज था।
  • केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को नाम बदलने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था।
  • नाम परिवर्तन की प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत पूरी की गई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: केरल का नया नाम क्या है?

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद राज्य का आधिकारिक नाम केरलम हो गया है।

सवाल: केरल का नाम केरलम क्यों बदला गया?

मलयालम भाषा में राज्य का स्थानीय और पारंपरिक नाम केरलम है। नाम परिवर्तन का उद्देश्य आधिकारिक नाम को स्थानीय भाषाई पहचान के अनुरूप करना है।

सवाल: Kerala नाम कब से इस्तेमाल हो रहा था?

राज्य के 1 नवंबर 1956 को गठन के बाद संविधान की पहली अनुसूची में इसका नाम Kerala दर्ज किया गया था।

सवाल: केरलम नाम बदलने की मांग कब की गई थी?

केरल विधानसभा ने 2023 में प्रस्ताव पारित किया था और तकनीकी बदलाव के बाद 24 जून 2024 को फिर सर्वसम्मति से केंद्र से नाम बदलने की मांग की थी।

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