मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने दो लोगों को हिरासत में लिया। एक संदिग्ध के पास पिस्टल मिली, जबकि दूसरे के पास फर्जी PMO पहचान पत्र था।
सुरक्षा जांच में खुला मामला
यह कार्रवाई सोमवार देर रात सुरक्षा प्रोटोकॉल ड्रिल के दौरान हुई। संदिग्ध लोग बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित NMACC परिसर के पास मिले।
पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति संदिग्ध तरीके से घूम रहा था। जांच में उसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया।
उसके पास मौजूद पहचान पत्र की जांच हुई। पुलिस ने इसे फर्जी पाया। उसके साथ मौजूद बॉडीगार्ड के पास लाइसेंसी पिस्टल मिली।
फर्जी पहचान और हथियार से बढ़ी चिंता
मुंबई पुलिस ने बताया कि तीन लोगों ने संदिग्ध सरकारी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया। उन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा जांच पार कर परिसर में प्रवेश किया।
इस मामले में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने साफ किया कि बरामद हथियार लाइसेंसी था।
हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस उनके मकसद और प्रवेश के कारणों की जांच कर रही है। (
क्राइम ब्रांच करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच संभाल ली है। सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच रही हैं।
PM मोदी को मुंबई में Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करना था। कार्यक्रम Nita Mukesh Ambani Cultural Centre में आयोजित किया गया।
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पुलिस की जांच जारी
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का फोकस फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ प्रवेश के मकसद पर है।
घटना सोमवार की बताई गई है। पुलिस ने कहा कि इसका प्रधानमंत्री के मंगलवार के कार्यक्रम से सीधा संबंध नहीं है।
FAQs
1. कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा कौन संभाल रहा था?
कार्यक्रम स्थल पर मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात थीं।
2. संदिग्धों की जांच किस आधार पर आगे बढ़ी?
सुरक्षा जांच के दौरान उनके व्यवहार और दस्तावेजों पर संदेह हुआ।
3. क्या बरामद पिस्टल अवैध थी?
पुलिस के अनुसार पिस्टल लाइसेंसी थी। उसके इस्तेमाल और कब्जे की जांच जारी है।
4. क्या फर्जी पहचान पत्र की जानकारी सामने आई है?
पुलिस ने पहचान पत्र को संदिग्ध माना है और उसकी सत्यता की जांच की है।
5. क्या मामले में और लोगों से पूछताछ हो सकती है?
जांच के आधार पर पुलिस अन्य लोगों से भी पूछताछ कर सकती है।