Solar Storm 2026 ने वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों का ध्यान खींचा है। सूर्य से निकले शक्तिशाली कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के पृथ्वी की ओर बढ़ने के बाद कुछ क्षेत्रों में ऑरोरा दिखाई देने की संभावना जताई गई है। भारत के उत्तरी हिस्सों में भी इस दुर्लभ दृश्य के दिखने की चर्चा हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भू-चुंबकीय गतिविधि अपेक्षा से अधिक मजबूत रहती है, तो लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में Northern Lights की झलक मिल सकती है।
क्या होती है Northern Lights?
Northern Lights को वैज्ञानिक भाषा में ऑरोरा बोरेलिस कहा जाता है। यह तब बनती है जब सूर्य से आने वाले आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराते हैं।
इस प्रक्रिया के दौरान आसमान में हरे, गुलाबी, बैंगनी और लाल रंग की रोशनी दिखाई देती है। आमतौर पर यह दृश्य आर्कटिक क्षेत्र के देशों में देखा जाता है।
भारत में कहां दिख सकती है ऑरोरा?
वैज्ञानिकों का मानना है कि लद्दाख के हनले और अन्य ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में इसकी संभावना अधिक हो सकती है। साफ आसमान और कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों पर इसे देखना आसान होगा।
हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि ऑरोरा का दिखना पूरी तरह सौर गतिविधियों और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
Solar Storm का क्या असर हो सकता है?
Solar Storm 2026 के दौरान उपग्रह संचार, GPS सेवाओं और रेडियो सिग्नल पर भी असर पड़ सकता है। अंतरिक्ष एजेंसियां और वैज्ञानिक लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
खगोल विज्ञान के जानकारों का कहना है कि ऐसी घटनाएं दुर्लभ होती हैं और आम लोगों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान को करीब से समझने का अवसर देती हैं।
यह घटना भारत में खगोल विज्ञान के प्रति रुचि रखने वाले लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।