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इंदौर में 535 किलो घी-पनीर जब्त

इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 535 किलो घी-पनीर जब्त किया। सिंध डेयरी में बिना वैध निर्माण लाइसेंस उत्पादन मिला, कई सैंपल जांच के लिए भेजे गए।

ई-इंदौर डेस्क 11 Aug 2026 22 बार देखा गया Indore
इंदौर में 535 किलो घी-पनीर जब्त

इंदौर में 535 किलो घी-पनीर जब्त  |  ई-इंदौर फोटो

इंदौर में 535 किलो घी-पनीर जब्त किए जाने का मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाकर डेयरी उत्पादों और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए।

सबसे बड़ी कार्रवाई चंदन नगर के मुराई मोहल्ला स्थित सिंध डेयरी फार्म में हुई। यहां अधिकारियों को पनीर, दही और घी का निर्माण होता मिला। जांच में निर्माण गतिविधि के लिए अलग वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई, जिसके बाद उत्पादन तत्काल बंद कराया गया।

इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में डेयरी, खाद्य कारोबार और हॉस्टल की जांच की। अभियान के दौरान करीब 535 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसकी कीमत तीन लाख रुपये से अधिक बताई गई है। घी और पनीर के अलावा समोसे, चटनी और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए गए।

कार्रवाई का मुख्य मामला चंदन नगर स्थित सिंध डेयरी फार्म का रहा। अधिकारियों के अनुसार, यहां दूध, दही, पनीर और घी की थोक तथा खुदरा बिक्री के साथ डेयरी उत्पादों का निर्माण भी किया जा रहा था।

सिंध डेयरी में क्या मिला?

जांच के दौरान अधिकारियों को पनीर, दही और घी तैयार किए जाते मिले। प्रतिष्ठान का लाइसेंस थोक और खुदरा बिक्री के लिए था, लेकिन खाद्य पदार्थों के निर्माण के लिए अलग वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था।

अधिकारियों को घी सामान्य टिन में रखा हुआ मिला। उस पर खाद्य उत्पाद से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं थी। टीम ने घी की खरीद से संबंधित बिल भी मांगा, लेकिन मौके पर बिल प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रतिष्ठान प्रभारी ने बताया कि घी कभी-कभी तैयार किया जाता है और मौके पर मौजूद घी बाहर से खरीदकर बिक्री के लिए लाया गया था।

जांच के दौरान गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभाग ने 149 किलो घी और 103 किलो पनीर जब्त किया। दोनों के सैंपल भी लिए गए हैं। इनकी अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

पालदा और सियागंज में भी घी जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग की दूसरी टीम ने पालदा की बारदान मंडी स्थित नारायण इंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया। यहां किंग घी और राधा माधव घी के सैंपल लिए गए।

जांच के दौरान 15 किलो क्षमता के 17 डिब्बों में करीब 255 किलो घी मिला। गुणवत्ता को लेकर संदेह के चलते पूरी मात्रा को जांच रिपोर्ट आने तक जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 1.53 लाख रुपये बताई गई है।

इसके बाद टीम सियागंज स्थित कमलेश ट्रेडर्स पहुंची। यहां महीसागर घी का सैंपल लिया गया। करीब 28 किलो घी 56 यूनिट में रखा मिला, जिसे भी जांच प्रक्रिया के तहत जब्त किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस उत्पाद को गुजरात के गांधीनगर स्थित तिरुपति फूड प्रोडक्ट का बताया गया है।

खाद्य उत्पाद की जांच कैसे होती है?

किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने पर केवल मौके पर देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि उत्पाद सुरक्षित है या मिलावटी। इसके लिए सैंपल लेकर प्रयोगशाला जांच महत्वपूर्ण होती है।

इंदौर की इस कार्रवाई में भी घी और पनीर के सैंपल लिए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसलिए अभी जब्त उत्पादों को मिलावटी या असुरक्षित घोषित करना सही नहीं होगा।

अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है कि जब्त घी या पनीर में कोई मिलावट पाई गई है।

Food License क्यों जरूरी है?

खाद्य कारोबार में लाइसेंस केवल बिक्री की अनुमति से जुड़ा विषय नहीं है। खाद्य कारोबार की गतिविधि के अनुसार लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है।

FSSAI के FoSCoS सिस्टम में डेयरी प्रोसेसिंग के लिए अलग-अलग क्षमता के आधार पर लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की श्रेणियां निर्धारित हैं। इसमें दूध और दूध से बने उत्पादों की प्रोसेसिंग, मैन्युफैक्चरिंग, पैकिंग, स्टोरेज और वितरण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

इसलिए किसी प्रतिष्ठान के पास बिक्री या व्यापार के लिए लाइसेंस होना और निर्माण गतिविधि के लिए आवश्यक अनुमति होना एक ही बात नहीं है। सिंध डेयरी मामले में भी विभाग ने इसी अंतर को जांच का हिस्सा बनाया।

Authorities Response

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सिंध डेयरी में निर्माण गतिविधि को वैध निर्माण लाइसेंस मिलने तक बंद करा दिया है। घी और पनीर के सैंपल लिए गए हैं और जब्त सामग्री को जांच रिपोर्ट आने तक विभाग की निगरानी में रखा गया है।

पालदा और सियागंज से लिए गए घी के सैंपल भी जांच प्रक्रिया में भेजे जा रहे हैं। इससे यह पता चलेगा कि संबंधित उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

इसी अभियान में कैलाश पार्क कॉलोनी, बड़ी ग्वालटोली स्थित आशुतोष बॉयज हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई FoSCoS पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर हुई। टीम ने कच्चे सामान और तैयार भोजन के तीन सैंपल लिए तथा संचालक को किचन और परिसर की साफ-सफाई बेहतर रखने के निर्देश दिए।

What Happens Next

अब कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण चरण प्रयोगशाला जांच है। घी और पनीर के सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

यदि किसी खाद्य उत्पाद में नियमों का उल्लंघन या निर्धारित मानकों से जुड़ी कमी पाई जाती है, तो संबंधित कानून और नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर अंतिम जांच परिणाम का इंतजार है।

दूसरी ओर, सिंध डेयरी को निर्माण गतिविधि दोबारा शुरू करने के लिए आवश्यक वैध लाइसेंस और नियामकीय शर्तें पूरी करनी होंगी।

Impact on Public

इंदौर में घी और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद बड़ी संख्या में लोग रोजाना इस्तेमाल करते हैं। इसलिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ऐसी जांच सीधे उपभोक्ताओं के हित से जुड़ी होती है।

हालांकि, इस कार्रवाई के बाद सभी घी या पनीर को संदिग्ध मानना उचित नहीं होगा। यहां जब्त किए गए विशिष्ट उत्पादों की गुणवत्ता का फैसला जांच रिपोर्ट के आधार पर होगा।

उपभोक्ताओं के लिए पैक किए गए खाद्य उत्पाद खरीदते समय लेबल, निर्माता की जानकारी, बैच और अन्य जरूरी विवरण देखना उपयोगी है। कारोबारियों के लिए भी अपने वास्तविक कारोबार के अनुरूप वैध FSSAI लाइसेंस और रिकॉर्ड रखना महत्वपूर्ण है। FSSAI का FoSCoS पोर्टल लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया उपलब्ध कराता है।

Important Facts

  • इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने करीब 535 किलो खाद्य सामग्री जब्त की।
  • सिंध डेयरी से 149 किलो घी और 103 किलो पनीर जब्त हुआ।
  • पालदा स्थित नारायण इंटरप्राइजेज से करीब 255 किलो घी जब्त किया गया।
  • सियागंज से करीब 28 किलो घी जब्त किया गया।
  • घी और पनीर के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं।
  • सिंध डेयरी में वैध निर्माण लाइसेंस नहीं मिलने पर उत्पादन बंद कराया गया।
  • अभी किसी जब्त उत्पाद में मिलावट साबित होने की पुष्टि नहीं हुई है।
  • FSSAI के अनुसार डेयरी प्रोसेसिंग और अन्य खाद्य कारोबार के लिए गतिविधि व क्षमता के अनुसार लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू है।

FAQ

Q1. इंदौर में कितने घी-पनीर की जब्ती हुई?

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में करीब 535 किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसमें घी और पनीर प्रमुख हैं।

Q2. सिंध डेयरी से क्या जब्त हुआ?

सिंध डेयरी से करीब 149 किलो घी और 103 किलो पनीर जब्त किया गया। दोनों के सैंपल लिए गए हैं।

Q3. क्या घी-पनीर मिलावटी साबित हुआ है?

अभी नहीं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार गुणवत्ता को लेकर संदेह के कारण सैंपल लिए गए हैं। अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।

Q4. सिंध डेयरी का उत्पादन क्यों बंद कराया गया?

जांच के दौरान खाद्य उत्पादों का निर्माण होता मिला, लेकिन निर्माण गतिविधि के लिए अलग वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। इसलिए निर्माण कार्य बंद कराया गया।

Q5. घी की जांच कहां होगी?

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार सैंपलों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

Q6. उपभोक्ताओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

पैक किए गए डेयरी उत्पाद खरीदते समय लेबल, निर्माता की जानकारी, बैच और अन्य जरूरी विवरण देखना चाहिए। संदिग्ध खाद्य उत्पाद की शिकायत संबंधित खाद्य सुरक्षा तंत्र के माध्यम से की जा सकती है।

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