श्योपुर: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से 18 सितंबर 2026 को खुशखबरी सामने आई। भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया। यह खबर ऐसे समय आई है, जब भारत के चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम को चार साल पूरे हुए हैं।
नए शावकों के जन्म के बाद भारत में जीवित चीतों की संख्या 52 से बढ़कर 56 हो गई है। इनमें कूनो नेशनल पार्क में 53 और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन चीते बताए गए हैं। भारत में जन्मे चीतों की संख्या भी अब 36 हो गई है।
KGP12 दूसरी बार बनी मां
KGP12 भारत में जन्मी मादा चीता है। वह दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता Gamini की संतान है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार KGP12 ने इससे पहले अप्रैल 2026 में भी चार शावकों को जन्म दिया था।
उस पहले लिटर के चारों शावकों की मई 2026 में तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी। अब KGP12 ने दूसरी बार चार शावकों को जन्म दिया है।
इस बार नए शावकों की निगरानी कूनो की टीम कर रही है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार टीम उन्हें दूर से मॉनिटर कर रही है, ताकि मां और शावकों को अनावश्यक परेशानी न हो।
भारत में जन्मी चीता पीढ़ी का विस्तार
KGP12 का जन्म भारत में हुआ था। उसके चार नए शावक भी भारत में जन्मे हैं। इससे देश में भारतीय परिस्थितियों में जन्म लेने वाली चीता पीढ़ी आगे बढ़ी है।
वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चीता पुनर्स्थापना का उद्देश्य केवल अफ्रीकी चीतों को भारत लाना नहीं, बल्कि यहां उनके प्रजनन और आबादी को बनाए रखना भी है।
अब तक कूनो में कई चीता शावकों का जन्म हो चुका है। KGP12 के नए शावक इस प्रक्रिया की अगली कड़ी हैं।
चार साल पहले शुरू हुआ था Project Cheetah
भारत में चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। उस समय नामीबिया से आठ चीते कूनो लाए गए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका और बाद में बोत्सवाना से भी चीते भारत लाए गए।
फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत पहुंचे। फरवरी 2026 में बोत्सवाना से नौ और चीते लाए गए। इनके अलावा भारत में चीतों का प्रजनन भी हुआ।
चार साल बाद अब देश में जीवित चीतों की संख्या 56 बताई गई है।
कूनो में 53 और गांधी सागर में 3 चीते
नए शावकों के जन्म के बाद कूनो नेशनल पार्क में कुल 53 चीते हो गए हैं। वहीं मध्य प्रदेश के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन चीते हैं। इस तरह मध्य प्रदेश में कुल संख्या 56 पहुंच गई है।
मध्य प्रदेश चीता संरक्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कूनो के अलावा गांधी सागर में भी चीता संरक्षण और प्रबंधन का विस्तार किया गया है।
KGP12 के नए शावकों पर रहेगी निगरानी
चार नए शावकों के जन्म के बाद वन्यजीव विशेषज्ञों और कूनो प्रबंधन की निगाह अब उनकी शुरुआती देखभाल पर है। मां और शावकों की गतिविधियों पर दूरी से नजर रखी जा रही है।
शावकों के शुरुआती दिनों में उनका सुरक्षित रहना महत्वपूर्ण होता है। इसलिए निगरानी के दौरान मानवीय हस्तक्षेप को सीमित रखना प्राथमिकता होती है।
Project Cheetah के लिए नया पड़ाव
भारत में जन्मी चीता KGP12 का दूसरी बार मां बनना Project Cheetah के अगले चरण को दिखाता है। अब कार्यक्रम का फोकस केवल पुनर्स्थापना से आगे बढ़कर प्रजनन, प्राकृतिक व्यवहार और दीर्घकालिक संरक्षण पर भी है।
इस बीच latest indore news और मध्य प्रदेश से जुड़ी वन्यजीव खबरों में कूनो की यह उपलब्धि प्रमुख विषय बनी हुई है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क अब भारत में चीता संरक्षण की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
महत्वपूर्ण तथ्य
स्थान: कूनो नेशनल पार्क, श्योपुर, मध्य प्रदेश
मादा चीता: KGP12
नए शावक: 4
जन्म: 18 सितंबर 2026
भारत में जीवित चीते: 56
कूनो में चीते: 53
गांधी सागर में: 3
भारत में जन्मे चीते: 36
Project Cheetah की शुरुआत: 17 सितंबर 2022
KGP12 की मां: Gamini
KGP12 का यह: दूसरा लिटर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. KGP12 ने कितने शावकों को जन्म दिया?
KGP12 ने चार शावकों को जन्म दिया है।
2. नए शावकों के बाद भारत में कितने चीते हैं?
नए चार शावकों के बाद भारत में जीवित चीतों की संख्या 56 हो गई है।
3. KGP12 कितनी बार मां बनी है?
KGP12 ने इससे पहले अप्रैल 2026 में चार शावकों को जन्म दिया था। सितंबर 2026 में वह दूसरी बार मां बनी है।
4. कूनो में अब कितने चीते हैं?
नए शावकों के बाद कूनो नेशनल पार्क में 53 चीते बताए गए हैं।
समापन
कूनो नेशनल पार्क में KGP12 के चार नए शावकों का जन्म भारत के चीता पुनर्स्थापना कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति में एक महत्वपूर्ण घटना है। चार साल पहले शुरू हुई इस यात्रा में अब भारत में जन्मी चीता पीढ़ी आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इन शावकों के स्वास्थ्य और उनके विकास पर निगरानी बनी रहेगी।