इंदौर में आयोजित BRICS सम्मेलन के दौरान 20 देशों के प्रतिनिधियों ने शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखा। राजवाड़ा सहित कई प्रमुख स्थलों पर हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। सम्मेलन में कृषि, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर भी चर्चा शुरू हुई।
राजवाड़ा में दिखी होलकर काल की झलक
BRICS सम्मेलन में शामिल विदेशी मेहमानों ने राजवाड़ा का भ्रमण किया। उन्हें होलकर शासनकाल के इतिहास, वास्तुकला और इंदौर की सांस्कृतिक पहचान के बारे में जानकारी दी गई।
प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक इमारतों और शहर की विरासत में रुचि दिखाई। कई मेहमानों ने स्थानीय संस्कृति और संरक्षण प्रयासों की सराहना की।
कृषि और खाद्य सुरक्षा पर मंथन
पांच दिवसीय BRICS सम्मेलन में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है। इसमें खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती, जलवायु परिवर्तन और कृषि नवाचार प्रमुख मुद्दे हैं।
भारत सहित कई देशों के कृषि विशेषज्ञ और अधिकारी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। बैठक का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
ग्रामीण हाट और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन
विदेशी प्रतिनिधियों को ग्रामीण हाट भी ले जाया गया। यहां उन्हें मध्य प्रदेश के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और स्थानीय कृषि आधारित वस्तुओं से परिचित कराया गया।
प्रतिनिधियों ने स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कला में विशेष रुचि दिखाई। इससे क्षेत्रीय उद्यमों को वैश्विक मंच पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
इंदौर को मिला वैश्विक मंच
BRICS सम्मेलन के कारण इंदौर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। शहर की स्वच्छता, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास मॉडल को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला है।
प्रशासन का मानना है कि ऐसे आयोजन पर्यटन, निवेश और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।
आगे क्या होगा?
सम्मेलन के आगामी सत्रों में कृषि नीतियों, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी सहयोग पर चर्चा जारी रहेगी। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि साझा रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
इंदौर में आयोजित यह सम्मेलन भारत की BRICS अध्यक्षता के तहत कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।