इंदौर के गांधीनगर इलाके में नकली ₹200 के नोट छापने और बाजार में चलाने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने आया, जब युवक ने एक नाश्ते की दुकान पर ₹200 का नोट देकर भुगतान किया। दुकानदार को नोट पर संदेह हुआ और उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
नाश्ते की दुकान से शुरू हुई जांच
घटना सांवलिया रेस्टोरेंट की है। युवक ने नाश्ता करने के बाद ₹200 का नोट दिया। दुकानदार ने नोट की गुणवत्ता और रंग देखकर शक जताया। पूछताछ के दौरान युवक घबरा गया, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि वह खुद ही नकली नोट तैयार कर रहा था।
घर से मिला प्रिंटर और नकली नोट बनाने का सामान
पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली। वहां से कलर प्रिंटर, विशेष कागज, स्याही और कई अधबने व तैयार नकली ₹200 के नोट बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी आधुनिक प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग कर नकली नोट तैयार कर रहा था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ कोई और भी इस गिरोह में शामिल है।
बाजार में चला चुका था कई नकली नोट
जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी पहले भी कई दुकानों पर नकली नोट चला चुका है। पुलिस आसपास के बाजारों और दुकानदारों से पूछताछ कर रही है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि नकदी लेते समय नोटों की अच्छी तरह जांच करें। किसी भी संदिग्ध नोट की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
आगे क्या होगा?
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर नकली नोटों के नेटवर्क की जांच कर रही है। जब्त प्रिंटर और नकली नोटों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। यदि किसी बड़े गिरोह के तार जुड़े मिले, तो इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी और नकली भारतीय मुद्रा तैयार करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.