Footpath Encroachment का मुद्दा इंदौर और उज्जैन में लगातार गंभीर होता जा रहा है। शहरों में पैदल यात्रियों के लिए बनाए गए फुटपाथ अब कई जगह दुकानों और अस्थायी कब्जों से घिर गए हैं।
इस कारण लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ रहा है।
इंदौर में फुटपाथों पर कब्जे
विजय नगर सहित कई क्षेत्रों में फुटपाथों पर दुकानें और अस्थायी ढांचे दिखाई दे रहे हैं। नगर निगम द्वारा बनाए गए पैदल मार्गों का उपयोग आम लोग नहीं कर पा रहे हैं।
Footpath Encroachment के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने कार्रवाई की मांग की है।
उज्जैन में भी यही समस्या
उज्जैन में कई जगह फुटपाथों पर अतिक्रमण और सड़क किनारे पार्किंग की समस्या सामने आई है। जहां लोगों को चलना चाहिए, वहां वाहन खड़े नजर आते हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फुटपाथों का मूल उद्देश्य ही खत्म होता जा रहा है।
पार्किंग व्यवस्था भी चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि अतिक्रमण हटाने के साथ बेहतर पार्किंग व्यवस्था भी जरूरी है। यदि पार्किंग की पर्याप्त सुविधा नहीं होगी तो समस्या दोबारा पैदा हो सकती है।
शहर नियोजन से जुड़े विशेषज्ञ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित और बाधारहित फुटपाथों की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
आगे क्या?
नगर निगम और प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है। हालांकि स्थायी समाधान के लिए नियमित निगरानी और बेहतर शहरी प्रबंधन की जरूरत बताई जा रही है।
फुटपाथों को पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रखना स्मार्ट शहरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाती है।