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SMA से जंग लड़ रही अनिका: 9 करोड़ के इंजेक्शन के लिए 8 करोड़ के करीब पहुंची मदद की मुहिम

SMA टाइप-2 से पीड़ित इंदौर की अनिका शर्मा के इलाज के लिए 9 करोड़ रुपये की जरूरत है। शहरभर में चल रही फंडरेजिंग मुहिम को व्यापक समर्थन मिला है और लक्ष्य के करीब पहुंचने का दावा किया जा रहा है। परिवार और सामाजिक संगठन समय रहते इलाज शुरू कराने की कोशिश में जुटे हैं।

ई-इंदौर डेस्क 18 Jun 2026 6 बार देखा गया Indore
SMA से जंग लड़ रही अनिका: 9 करोड़ के इंजेक्शन के लिए 8 करोड़ के करीब पहुंची मदद की मुहिम

SMA से जंग लड़ रही अनिका: 9 करोड़ के इंजेक्शन के लिए 8 करोड़ के करीब पहुंची मदद की मुहिम  |  ई-इंदौर फोटो

Indore’s Anika Nears Fundraising Goal for Rs 9 Crore SMA Treatment

अनिका शर्मा की जिंदगी बचाने के लिए इंदौर में चल रही मदद की मुहिम निर्णायक दौर में पहुंच गई है। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 से पीड़ित इस बच्ची के इलाज के लिए करीब 9 करोड़ रुपये की जरूरत है। राहत की बात यह है कि नागरिकों, सामाजिक संगठनों और दानदाताओं की मदद से अब तक बड़ी राशि जुटाई जा चुकी है और अभियान लक्ष्य के करीब पहुंच गया है।

अनिका को एक विशेष जीन थेरेपी इंजेक्शन की आवश्यकता है। यह इंजेक्शन विदेश से मंगाया जाता है और इसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपये बताई जाती है।

क्या है SMA बीमारी

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है। इसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।

डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज नहीं मिलने पर मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसलिए अनिका के इलाज के लिए समय सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

पूरे शहर ने संभाला जिम्मा

अनिका की मदद के लिए "टीम बेबी अनिका" अभियान चलाया जा रहा है। सामाजिक संगठन, व्यापारी, छात्र, कलाकार और आम नागरिक इस मुहिम से जुड़े हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई इलाकों में घर-घर जाकर फंड जुटाया गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अभियान को व्यापक समर्थन दिया।

समय के खिलाफ चल रही लड़ाई

विशेषज्ञों का कहना है कि यह इंजेक्शन एक निश्चित वजन सीमा तक ही प्रभावी माना जाता है। इसी कारण परिवार और सहयोगी संगठन जल्द से जल्द पूरी राशि जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

अनिका के पिता प्रवीण शर्मा पहले भी बता चुके हैं कि परिवार अपने स्तर पर इतनी बड़ी राशि जुटाने में सक्षम नहीं है। इसलिए जनसहयोग ही सबसे बड़ा सहारा बना हुआ है।

अब आगे क्या

अभियान से जुड़े लोगों का लक्ष्य जल्द से जल्द शेष राशि जुटाना है ताकि इंजेक्शन खरीदा जा सके और इलाज शुरू हो सके।

इंदौर में यह मुहिम केवल फंड जुटाने का अभियान नहीं रही, बल्कि सामूहिक सहयोग और मानवता की मिसाल बन गई है।

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