इंदौर बाल विवाह मामला सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है। आरोप है कि 13 साल की लड़की की शादी 42 वर्षीय व्यक्ति से कराई गई। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत पहुंचने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
चाइल्ड हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत
रिपोर्ट्स के अनुसार, नाबालिग लड़की की शादी की सूचना अधिकारियों को मिली थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और FIR दर्ज की।
इस मामले ने इंदौर में बाल सुरक्षा, कम उम्र में शादी और परिवार की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए हैं।
परिवार के सदस्यों पर FIR
पुलिस ने लड़की के दादा-दादी और शादी से जुड़े अन्य लोगों पर केस दर्ज किया है। अधिकारी जांच कर रहे हैं कि लड़की के नाबालिग होने के बावजूद शादी कैसे कराई गई।
इंदौर बाल विवाह मामले में रिश्तेदारों, पड़ोसियों और समारोह में मौजूद लोगों के बयान भी लिए जा सकते हैं।
आगे कानूनी कार्रवाई
भारतीय कानून के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी मान्य नहीं है। ऐसे मामलों में बाल विवाह रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
बाल कल्याण अधिकारी लड़की की सुरक्षा, काउंसलिंग और आगे की देखभाल की समीक्षा कर सकते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस जांच जारी रखेगी और सबूत जुटाएगी। अगर अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके नाम भी केस में जोड़े जा सकते हैं।
इंदौर बाल विवाह मामला दिखाता है कि हेल्पलाइन नंबरों पर समय पर शिकायत नाबालिगों को अवैध शादी से बचा सकती है।