मध्य प्रदेश के इंदौर की एक जिला अदालत ने कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. फौजिया शेख पर इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम का अपमान करने का गंभीर आरोप है. इस घटना के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिससे बचने के लिए उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया था. अदालत के इस कड़े फैसले के बाद अब पुलिस कभी भी उनकी गिरफ्तारी कर सकती है.
बजट सत्र के दौरान हुआ था हंगामा
यह पूरा मामला इंदौर नगर निगम के हालिया बजट सत्र से जुड़ा हुआ है. परंपरा के मुताबिक निगम की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले सभी सदस्यों के लिए वंदे मातरम गाना अनिवार्य होता है. जब सदन में राष्ट्रगीत बज रहा था, तब कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अपनी सीट पर बैठी रहीं. उन्होंने राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े होने से साफ इनकार कर दिया. इस व्यवहार को लेकर सत्तापक्ष के पार्षदों ने सदन के भीतर ही भारी हंगामा शुरू कर दिया.
हंगामे और विवाद को बढ़ता देख नगर निगम अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने राष्ट्रगीत का अनादर करने के आरोप में फौजिया शेख को तुरंत सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया.
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, कोर्ट से नहीं मिली राहत
इस घटना के बाद शहर के एमजी रोड पुलिस थाने में फौजिया शेख के खिलाफ राष्ट्रीय सम्मान के अपमान निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई. गिरफ्तारी के डर से बचने के लिए उन्होंने जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था.
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत का पुरजोर विरोध किया. उन्होंने दलील दी कि राष्ट्रगीत का अपमान देश की संप्रभुता और सम्मान को ठेस पहुंचाता है. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपराध की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया.