इंदौर में डॉग बाइट के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। शहर में एक ही दिन में 42 लोगों को कुत्तों ने काट लिया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें एंटी-रेबीज उपचार दिया गया।
अस्पताल में बढ़े मरीज
जानकारी के अनुसार, डॉग बाइट के अधिकांश मरीज इलाज के लिए अरविंदो अस्पताल पहुंचे। इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल थे।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि रोजाना बड़ी संख्या में कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
आवारा कुत्तों से लोगों में डर
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है। सुबह और शाम के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है।
रिहायशी क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर भी कुत्तों के झुंड देखे जा रहे हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुत्ते के काटने पर तुरंत घाव को साबुन और पानी से धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लेने से संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है।
नगर निगम के सामने चुनौती
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। नागरिक लंबे समय से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
शहर में बढ़ते डॉग बाइट मामलों ने सार्वजनिक सुरक्षा और पशु प्रबंधन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।