Indore Police Bust Drug Network, Seize 265 gm Brown Sugar, ₹19 Lakh Cash and Ammunition
इंदौर ड्रग्स तस्करी मामला एक बार फिर चर्चा में है। द्वारकापुरी थाना पुलिस ने नशे के कारोबार से जुड़े एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 265 ग्राम ब्राउन शुगर, करीब 19 लाख रुपये नकद, 22 जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस इस कार्रवाई को शहर में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार से जुड़ा था और शहर में ब्राउन शुगर की सप्लाई करने का काम कर रहा था। पुलिस अब उसके संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
कैसे हुई कार्रवाई?
पुलिस को आरोपी की गतिविधियों की सूचना काफी समय से मिल रही थी। इसके बाद निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर छापेमारी की गई।
तलाशी के दौरान पुलिस को 265 ग्राम ब्राउन शुगर मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा मौके से 19 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए।
नकदी गिनने के लिए बुलानी पड़ी मशीन
जांच अधिकारियों के मुताबिक, बरामद नकदी इतनी अधिक थी कि उसकी गिनती के लिए कैश काउंटिंग मशीन मंगानी पड़ी। पुलिस को संदेह है कि यह रकम नशीले पदार्थों की बिक्री से अर्जित की गई है।
मौके से 22 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। हथियारों और कारतूसों के संबंध में भी अलग से जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में गांजा बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी।
पुलिस किन पहलुओं की कर रही जांच?
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ब्राउन शुगर कहां से लाता था और शहर में किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जाती थी। मोबाइल फोन, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जांच भी की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि आरोपी किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इसी कारण उससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
इंदौर में बढ़ती चिंता
पिछले कुछ वर्षों में इंदौर में ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस लगातार विशेष अभियान चलाकर ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि सप्लाई चेन को तोड़ना भी जरूरी है।
आगे क्या होगा?
पुलिस आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पूछताछ के आधार पर अन्य तस्करों और सहयोगियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाएंगी कि बरामद नकदी का स्रोत क्या है और इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था।