इंदौर में रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शुक्रवार को की गई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा।
मामला एक निजी स्कूल संचालक से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने प्राचार्य पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई की।
लोकायुक्त ने की ट्रैप कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी प्राचार्य एक सरकारी स्कूल में पदस्थ हैं। शिकायतकर्ता ने बताया था कि एक प्रशासनिक कार्य के बदले उनसे रिश्वत की मांग की गई थी।
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन किया। इसके बाद विशेष टीम ने ट्रैप कार्रवाई की और प्राचार्य को रिश्वत की रकम लेते हुए पकड़ लिया।
₹10 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए
लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी प्राचार्य को ₹10 हजार की रिश्वत लेते समय गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि भी बरामद की गई।
टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
शिक्षा विभाग में चर्चा
सरकारी स्कूल के प्राचार्य की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग में भी चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलती है।
आगे क्या होगा
लोकायुक्त पुलिस अब मामले की विस्तृत जांच करेगी। जांच के दौरान रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो आगे और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल आरोपी प्राचार्य से पूछताछ जारी है।