Indore's 22-Storey IT Park-3 Taking Shape, ₹557 Crore Project Set to Transform Central India's Tech Landscape
IT Park-3 इंदौर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। सुपर कॉरिडोर स्थित यह बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट ₹557 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है। 22 मंजिला यह इमारत मध्य भारत के सबसे बड़े आईटी परिसरों में शामिल होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्माण कार्य का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की थी।
यह परियोजना प्रदेश को आईटी, स्टार्टअप और वैश्विक तकनीकी निवेश के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
कहां बन रहा है IT Park-3?
आईटी पार्क-3 का निर्माण इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में किया जा रहा है। यह स्थान देवी अहिल्या बाई होल्कर एयरपोर्ट, मेट्रो कॉरिडोर, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और प्रमुख राजमार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी रखता है।
सुपर कॉरिडोर पहले से ही टीसीएस, इंफोसिस, इम्पेटस और कई तकनीकी कंपनियों की मौजूदगी के कारण आईटी निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
कब शुरू हुआ और कब तक होगा पूरा?
आईटी पार्क-3 परियोजना को एमपीआईडीसी के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और वर्तमान में संरचनात्मक कार्य प्रगति पर है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार परियोजना का लक्ष्य अगले चरणों में तेजी लाना है। निर्माण पूरा होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से कंपनियों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार परियोजना के 2027 तक पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक समयसीमा में परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है।
क्या होगी इमारत की खासियत?
आईटी पार्क-3 को ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट पर विकसित किया जा रहा है। 22 मंजिला इस परिसर में ऊर्जा दक्ष तकनीक, आधुनिक कार्यस्थल, कॉन्फ्रेंस सुविधाएं, पार्किंग और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे।
परियोजना का उद्देश्य बड़ी आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान आधारित संस्थानों को एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
IT Park-4 की भी तैयारी
प्रदेश सरकार सुपर कॉरिडोर को आईटी क्लस्टर के रूप में विकसित करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत IT Park-4 की योजना पर भी काम चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इंदौर केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत का प्रमुख डिजिटल और नवाचार केंद्र बन सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?
राज्य सरकार का लक्ष्य रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करना और तकनीकी उद्योगों का विस्तार करना है। IT Park-3 से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
आईटी उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से इंदौर की पहचान शिक्षा और उद्योग के साथ-साथ तकनीकी राजधानी के रूप में भी मजबूत होगी।
आगे क्या?
निर्माण एजेंसियां वर्तमान में भवन के विभिन्न हिस्सों पर काम कर रही हैं। सरकार नियमित रूप से परियोजना की निगरानी कर रही है ताकि इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
IT Park-3 के संचालन में आने के बाद इंदौर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों के निवेश में और तेजी आने की उम्मीद है।