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इंदौर की रेवती रेंज में 51 हजार पौधे, फिर विश्व रिकॉर्ड की तैयारी

इंदौर की रेवती रेंज टेकरी पर 51 हजार पौधे लगाए गए। दो साल पुराने रिकॉर्ड के बाद अब पौधों की जीवित संख्या से नए रिकॉर्ड की उम्मीद है।

ई-इंदौर डेस्क 10 Aug 2026 16 बार देखा गया Indore
इंदौर की रेवती रेंज में 51 हजार पौधे, फिर विश्व रिकॉर्ड की तैयारी

इंदौर की रेवती रेंज में 51 हजार पौधे, फिर विश्व रिकॉर्ड की तैयारी  |  ई-इंदौर फोटो

इंदौर की रेवती रेंज में 51 हजार पौधे, फिर विश्व रिकॉर्ड की तैयारी

इंदौर की रेवती रेंज टेकरी पर रविवार को 51 हजार पौधे लगाए गए। अभियान में हजारों शहरवासी और स्कूली बच्चे शामिल हुए।

यह अभियान भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की मौजूदगी में हुआ। दो साल पहले इसी टेकरी पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण हुआ था।

रेवती रेंज में एक दिन में 51 हजार पौधे

रविवार सुबह से ही रेवती रेंज पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर तक पौधे लगाने का काम चलता रहा।

अभियान में स्कूली बच्चों ने भी हिस्सा लिया। पथरीली जमीन को देखते हुए पहले ही पौधों के लिए गड्ढे तैयार किए गए थे।

बच्चों ने तैयार गड्ढों में पौधे लगाए और मिट्टी डाली। इससे अभियान में स्थानीय नागरिकों के साथ विद्यार्थियों की भागीदारी भी दिखाई दी।

दो साल पहले बना था बड़ा रिकॉर्ड

रेवती रेंज पहले भी बड़े पौधरोपण अभियान के कारण चर्चा में रही है। रिपोर्ट के अनुसार, दो साल पहले यहां करीब 12 लाख पौधे लगाए गए थे।

उस समय एक ही स्थान पर एक दिन में सबसे ज्यादा पौधे लगाने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज होने की बात सामने आई थी। अब 2026 के अभियान के बाद पुराने पौधों की स्थिति जांची जाएगी।

अब पौधों के जीवित रहने पर नजर

इस अभियान की खास बात सिर्फ 51 हजार नए पौधे लगाना नहीं है। पुराने पौधों में कितने अब भी जीवित हैं, इसकी गिनती भी की जाएगी।

अधिकारियों और आयोजकों के अनुसार, यदि पुराने पौधों की बड़ी संख्या जीवित मिलती है, तो नए विश्व रिकॉर्ड का दावा किया जा सकता है। रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए वास्तविक जीवित पौधों की संख्या महत्वपूर्ण होगी।

यानी पौधरोपण के बाद उनकी देखभाल और संरक्षण भी इस अभियान का अहम हिस्सा रहेगा।

पौधों को पानी देने की तैयारी

रेवती रेंज की जमीन पथरीली है। इसलिए पौधों को लंबे समय तक बचाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

इसी को देखते हुए टेकरी पर पानी की व्यवस्था तैयार की जा रही है। पौधों को पानी देने के लिए एक टंकी का निर्माण किया जा रहा है।

इसके अलावा ट्रीटमेंट प्लांट से टेकरी तक पाइपलाइन बिछाने की योजना पर काम चल रहा है। उपचारित पानी को टंकी तक पहुंचाकर पौधों की सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा।

यह व्यवस्था पौधों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

'एक पेड़ मां के नाम' बगिया भी बनी

रेवती रेंज में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े दूसरे प्रयास भी किए जा रहे हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के अनुसार, यहां 'एक पेड़ मां के नाम' बगिया भी बनाई गई है।

इससे पौधरोपण अभियान को केवल एक दिन के कार्यक्रम से आगे ले जाने की कोशिश दिखाई देती है। आने वाले समय में पौधों की निगरानी इसकी सफलता का प्रमुख आधार होगी।

शनिवार को केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने भी रेवती रेंज में पौधे लगाए थे। इसके बाद रविवार को 51 हजार पौधों का अभियान आयोजित हुआ।

इंदौर के लिए क्या है इसका महत्व?

इंदौर लंबे समय से स्वच्छता अभियानों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। अब शहर में हरियाली बढ़ाने पर भी बड़े अभियान चल रहे हैं।

रेवती रेंज जैसे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधरोपण का उद्देश्य हरित क्षेत्र बढ़ाना है। इसके साथ पौधों को बचाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

विशेषज्ञों या अधिकारियों की ओर से इस अभियान के पर्यावरणीय प्रभाव का विस्तृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए कार्बन अवशोषण या तापमान में कमी जैसे आंकड़ों का दावा अभी नहीं किया जा सकता।

अब आगे क्या होगा?

सबसे पहले पुराने पौधों की स्थिति की गणना की जाएगी। इससे पता चलेगा कि दो साल पहले लगाए गए पौधों में कितने जीवित हैं।

इसके बाद नए लगाए गए 51 हजार पौधों की देखभाल पर ध्यान रहेगा। पानी की टंकी और पाइपलाइन व्यवस्था इसी उद्देश्य से तैयार की जा रही है।

यदि पौधों की जीवित संख्या पर्याप्त रहती है, तो विश्व रिकॉर्ड से जुड़ा दावा आगे बढ़ सकता है। इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर ही रिकॉर्ड को अंतिम माना जा सकेगा।

इंदौर पौधरोपण अभियान: महत्वपूर्ण तथ्य

  • रेवती रेंज टेकरी पर 51 हजार पौधे लगाए गए।
  • अभियान में हजारों शहरवासी शामिल हुए।
  • स्कूली बच्चों ने भी पौधरोपण किया।
  • दो साल पहले यहां करीब 12 लाख पौधे लगाए गए थे।
  • पुराने पौधों की जीवित संख्या की दोबारा गणना होगी।
  • टेकरी पर सिंचाई के लिए टंकी बनाई जा रही है।
  • ट्रीटमेंट प्लांट से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की तैयारी है।
  • 'एक पेड़ मां के नाम' बगिया भी विकसित की गई है।

FAQ

1. इंदौर में 51 हजार पौधे कहां लगाए गए?

51 हजार पौधे इंदौर की रेवती रेंज टेकरी पर लगाए गए।

2. पौधरोपण अभियान में कौन शामिल हुआ?

अभियान में हजारों शहरवासी और स्कूली बच्चे शामिल हुए।

3. क्या रेवती रेंज पर पहले भी रिकॉर्ड बना था?

हां। रिपोर्ट के अनुसार, दो साल पहले यहां करीब 12 लाख पौधे लगाए गए थे।

4. नए विश्व रिकॉर्ड के लिए क्या जांच होगी?

पहले लगाए गए पौधों में कितने जीवित हैं, इसकी गिनती की जाएगी।

5. पौधों को पानी कैसे मिलेगा?

टेकरी पर टंकी बनाई जा रही है। ट्रीटमेंट प्लांट से पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की तैयारी है।

6. क्या नया विश्व रिकॉर्ड बन गया है?

अभी नया रिकॉर्ड स्थापित होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुराने पौधों की जीवित संख्या की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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