इंदौर मास्टर प्लान को लेकर चल रही सड़क चौड़ीकरण कार्रवाई के बीच नया विवाद सामने आया है। जिंसी और आसपास के क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई के बाद दो बुजुर्गों की मौत की खबर ने स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है। रहवासियों का आरोप है कि वर्षों पुराने मकानों पर हुई कार्रवाई से परिवारों को गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
मास्टर प्लान के तहत चल रही कार्रवाई
नगर निगम शहर के मास्टर प्लान के तहत प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने का काम कर रहा है। इसी योजना के तहत लक्ष्मीबाई प्रतिमा से जिंसी चौराहे तक सड़क विस्तार के लिए कई मकानों और निर्माणों के हिस्से हटाए गए।
नगर निगम का कहना है कि प्रभावित संपत्तियों को पहले नोटिस दिए गए थे। कई लोगों ने स्वेच्छा से निर्माण हटाया, जबकि कुछ मामलों में निगम को बुलडोजर कार्रवाई करनी पड़ी।
रहवासियों में नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मकान दशकों पुराने हैं और परिवारों की भावनाएं उनसे जुड़ी हुई हैं। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
रहवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पुराने घरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कुछ परिवारों ने प्रशासन से पुनर्विचार और राहत की मांग की है।
दो बुजुर्गों की मौत से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्रवाई के बाद दो बुजुर्गों की मौत हुई। परिजनों का दावा है कि मकानों पर हुई कार्रवाई और उससे जुड़े तनाव का उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा।
हालांकि प्रशासन की ओर से मौत के कारणों पर आधिकारिक जांच और चिकित्सीय रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी सवाल उठाए हैं।
आगे क्या होगा
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण अभियान जारी रहेगा। वहीं प्रभावित परिवारों और स्थानीय नागरिकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
अब सभी की नजर प्रशासन की जांच, संभावित राहत उपायों और आगामी कार्रवाई पर टिकी है। इंदौर में विकास परियोजनाओं और नागरिक हितों के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है।