इंदौर ऑनलाइन सट्टा कांड में मुख्य आरोपी मनीष पमनानी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जांच एजेंसियां अब उसके आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। मामले में कथित पटवारी कनेक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
इंदौर पुलिस ने हाल ही में ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच तेज की है। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क डिजिटल माध्यमों से संचालित होने की आशंका है। पुलिस का मानना है कि इसमें कई लोगों की भूमिका हो सकती है और इसके आर्थिक लेनदेन का दायरा काफी बड़ा है।
मुख्य आरोपी मनीष पमनानी के फरार होने के बाद उसकी गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता बनी हुई है।
पटवारी कनेक्शन की भी जांच
जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस कथित पटवारी से जुड़े संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है। हालांकि अब तक किसी सरकारी कर्मचारी की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी व्यक्ति की भूमिका पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।
आर्थिक लेनदेन पर फोकस
जांच एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। उद्देश्य यह पता लगाना है कि सट्टे का पैसा किन माध्यमों से जमा और स्थानांतरित किया जाता था तथा इससे जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
जरूरत पड़ने पर प्रवर्तन एजेंसियों से भी जानकारी साझा की जा सकती है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल डिवाइस की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता मनीष पमनानी की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है। जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक पुलिस ने किसी अतिरिक्त आरोपी या सरकारी अधिकारी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।