Danger Persists at Patel Bridge as Safety Concerns Remain Two Weeks After Tanker Accident
पटेल ब्रिज एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चर्चा में है। इंदौर के इस व्यस्त मार्ग पर हुए टैंकर हादसे को दो सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मौके पर स्थायी सुधार अभी तक नहीं हुए हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि पुलिया की स्थिति अब भी जोखिम भरी बनी हुई है।
यह मार्ग शहर के सबसे व्यस्त यातायात कॉरिडोर में शामिल है। रोजाना हजारों वाहन यहां से गुजरते हैं। ऐसे में प्रशासन की धीमी कार्रवाई चिंता बढ़ा रही है।
क्या हुआ था पटेल ब्रिज पर?
कुछ सप्ताह पहले पटेल ब्रिज के समीप एक टैंकर अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गया था। हादसे में पुलिया का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई गई, लेकिन स्थायी मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है। कई जगह पर्याप्त चेतावनी संकेत भी नहीं लगाए गए हैं।
क्यों बढ़ रही चिंता?
पटेल ब्रिज इंदौर के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल है। यहां भारी वाहन, स्कूल बसें, निजी वाहन और दोपहिया चालक लगातार आवाजाही करते हैं।
निवासियों का कहना है कि संकरी लेन और क्षतिग्रस्त हिस्से के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। लोगों ने जल्द मरम्मत और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
प्रशासन की क्या तैयारी?
नगर निगम और संबंधित विभागों ने निरीक्षण किया है। अधिकारियों ने मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि अब तक व्यापक सुधार कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे व्यस्त मार्गों पर अस्थायी व्यवस्था लंबे समय तक प्रभावी नहीं रहती। स्थायी संरचनात्मक मरम्मत जरूरी है।
आगे क्या होगा?
प्रशासन की ओर से पुलिया की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है। मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद यातायात प्रबंधन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी बनाई जा सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक अतिरिक्त बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए।
पटेल ब्रिज की स्थिति फिलहाल शहर के बुनियादी ढांचे और सड़क सुरक्षा से जुड़े बड़े सवाल खड़े कर रही है।