इंदौर में बारिश इस मानसून सीजन में उम्मीद से कम हुई है। शहर में अब तक करीब 15 इंच बारिश दर्ज की गई है। सामान्य औसत की तुलना में यह कम मानी जा रही है। लगातार बादल छाने के बावजूद तेज बारिश नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
कम बारिश से बढ़ी चिंता
मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून की रफ्तार कई दिनों तक धीमी रही। बीच-बीच में हल्की बारिश हुई, लेकिन जोरदार वर्षा नहीं होने से कुल बारिश का आंकड़ा पीछे रह गया। इससे शहर के जलाशयों और भूजल स्तर पर भी असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने क्या कहा?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने पर आने वाले दिनों में बारिश बढ़ सकती है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसम तंत्र का असर पश्चिमी मध्य प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद इंदौर में अच्छी बारिश हो सकती है।
किसानों और शहरवासियों पर असर
कम बारिश का असर खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। किसानों को नियमित वर्षा का इंतजार है। वहीं शहर में गर्मी और उमस भी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त के पहले और दूसरे सप्ताह में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
आगे क्या?
यदि अगले कुछ दिनों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम बना, तो इंदौर में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को ताजा अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी है।
इंदौर में फिलहाल मानसून कमजोर दिख रहा है, लेकिन मौसम विभाग को आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। शहर की नजर अब अगस्त के अगले सक्रिय मानसूनी दौर पर टिकी है।