इंदौर सड़क गड्ढे का मामला एक बार फिर चर्चा में है। शहर में जिस सड़क की चार दिन पहले टिकाऊ मरम्मत का दावा किया गया था, वहां दोबारा गड्ढे उभर आए हैं। बारिश के बाद सड़क की हालत बिगड़ने से लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
चार दिन में ही उखड़ गई सड़क
स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित सड़क की हाल ही में मरम्मत की गई थी। अधिकारियों ने दावा किया था कि नई तकनीक से सड़क लंबे समय तक टिकेगी। लेकिन लगातार बारिश के बाद उसी स्थान पर फिर गड्ढे बन गए।
वाहन चालकों को सड़क से गुजरने में परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा भी बढ़ गया है।
नगर निगम के दावों पर उठे सवाल
सड़क दोबारा खराब होने के बाद नगर निगम के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि मरम्मत गुणवत्ता के अनुसार हुई होती, तो सड़क कुछ ही दिनों में नहीं टूटती।
लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से निर्माण कार्य की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बारिश बनी बड़ी चुनौती
बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर गड्ढे बनने की शिकायतें सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था दोनों पर समान ध्यान देना जरूरी है। केवल पैचवर्क से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
नगर निगम ने क्या कहा?
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि संबंधित सड़क का निरीक्षण कराया जाएगा। यदि निर्माण में कोई कमी पाई जाती है, तो दोबारा मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
लोगों को बेहतर सड़कों का इंतजार
इंदौर लगातार स्वच्छता में देश का अग्रणी शहर रहा है। अब नागरिकों की मांग है कि सड़क निर्माण और रखरखाव की गुणवत्ता भी उसी स्तर की हो। बारिश के मौसम में सुरक्षित और गड्ढामुक्त सड़कें शहर की सबसे बड़ी जरूरत बन गई हैं।