Indore Plans Smart Hubs Under Kesarbagh and Bhanwarkuan Bridges, Feasibility Report Ready
इंदौर स्मार्ट हब परियोजना के तहत केसरबाग और भंवरकुआं फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगहों को नए रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। दोनों स्थानों के लिए व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और अब अंतिम प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है। परियोजना का उद्देश्य अनुपयोगी शहरी स्थानों को सार्वजनिक उपयोग में लाना और शहर को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह पहल शहरी सौंदर्यीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार और सार्वजनिक स्थानों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
क्या है स्मार्ट हब परियोजना?
स्मार्ट हब ऐसी बहुउद्देश्यीय जगह होगी, जहां नागरिक सुविधाएं, सार्वजनिक गतिविधियां और आधुनिक शहरी ढांचा एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत फ्लाईओवर के नीचे के खाली हिस्सों को व्यवस्थित कर उपयोगी बनाया जाएगा।
प्रस्तावित सुविधाओं में बैठने की व्यवस्था, हरित क्षेत्र, वॉकिंग स्पेस, पार्किंग, ओपन एक्टिविटी जोन, छोटे व्यावसायिक कियोस्क और स्मार्ट लाइटिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि अंतिम डिजाइन को मंजूरी के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।
केसरबाग और भंवरकुआं को ही क्यों चुना गया?
केसरबाग और भंवरकुआं इंदौर के सबसे व्यस्त यातायात क्षेत्रों में शामिल हैं। यहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। फ्लाईओवर के नीचे बड़े हिस्से लंबे समय से खाली पड़े हैं या सीमित उपयोग में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्थानों का बेहतर उपयोग करने से न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को अतिरिक्त सार्वजनिक सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
कब शुरू होगा काम?
अभी परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेज दी गई है। प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
फिलहाल अधिकारियों ने निर्माण शुरू होने की कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की है। मंजूरी मिलने के बाद कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
क्या है परियोजना का मुख्य उद्देश्य?
इंदौर लगातार शहरी नवाचार और सार्वजनिक ढांचे में सुधार पर काम कर रहा है। स्मार्ट हब परियोजना का मुख्य उद्देश्य अनुपयोगी शहरी क्षेत्रों को सक्रिय सार्वजनिक स्थानों में बदलना है।
देश के कई शहरों में फ्लाईओवर के नीचे खेल क्षेत्र, सांस्कृतिक मंच, पार्क और सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इंदौर भी इसी मॉडल को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आगे क्या होगा?
अब प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसके बाद निर्माण एजेंसियों का चयन होगा।
यदि परियोजना को स्वीकृति मिलती है, तो केसरबाग और भंवरकुआं फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र आने वाले समय में शहर के नए स्मार्ट सार्वजनिक केंद्र बन सकते हैं।