करीब 700 किलोमीटर की यात्रा के दौरान सतीश को 20 हजार लीटर पानी से भरे विशेष टैंक में रखा जाएगा, ताकि वह पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक रहे।
इस अनोखी यात्रा की तैयारियां दोनों चिड़ियाघरों और वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी में की जा रही हैं। सफर के दौरान पशु चिकित्सकों की टीम भी साथ रहेगी।
एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत होगा स्थानांतरण
कानपुर चिड़ियाघर से दरियाई घोड़ा सतीश इंदौर आएगा। इसके बदले इंदौर चिड़ियाघर की मादा दरियाई घोड़ा वीरा कानपुर भेजी जाएगी।
इस आदान-प्रदान का उद्देश्य दोनों चिड़ियाघरों में वन्यजीवों की बेहतर देखभाल और प्रजनन कार्यक्रम को बढ़ावा देना है।
क्यों रखा जाएगा पानी से भरे टैंक में?
दरियाई घोड़े लंबे समय तक सूखी जगह पर नहीं रह सकते। उनकी त्वचा को लगातार नमी की जरूरत होती है।
इसी कारण विशेष कंटेनर में करीब 20 हजार लीटर पानी भरा जाएगा। इससे यात्रा के दौरान उनका शरीर सुरक्षित रहेगा और तनाव भी कम होगा।
विशेषज्ञों की निगरानी में होगी पूरी यात्रा
यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। रास्ते में लगातार तापमान, ऑक्सीजन और जानवर की स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
जरूरत पड़ने पर पशु चिकित्सक तुरंत उपचार भी कर सकेंगे।
महत्वपूर्ण बातें
कानपुर से इंदौर आएगा दरियाई घोड़ा सतीश।
लगभग 700 किलोमीटर का सफर तय करेगा।
20 हजार लीटर पानी से भरे विशेष टैंक में यात्रा होगी।
पशु चिकित्सकों की टीम पूरे रास्ते साथ रहेगी।
एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंदौर की वीरा कानपुर जाएगी।
उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण और बेहतर प्रजनन कार्यक्रम को बढ़ावा देना है।
आगे क्या?
सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सतीश को विशेष वाहन से इंदौर लाया जाएगा। इसके बाद उसे कुछ समय तक नए वातावरण में निगरानी में रखा जाएगा।