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MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा: 40% अभ्यर्थी नहीं पहुंचे, GK और संविधान के सवालों ने परखी तैयारी

MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा में करीब 60% अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 40% अनुपस्थित रहे। परीक्षा में सामान्य ज्ञान और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्नों ने उम्मीदवारों की तैयारी की अच्छी परीक्षा ली।

ई-इंदौर डेस्क 13 Jul 2026 8 बार देखा गया Indore
MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा: 40% अभ्यर्थी नहीं पहुंचे, GK और संविधान के सवालों ने परखी तैयारी

MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा: 40% अभ्यर्थी नहीं पहुंचे, GK और संविधान के सवालों ने परखी तैयारी  |  ई-इंदौर फोटो

MPPSC Assistant Professor Exam: 40% Candidates Remain Absent, GK & Constitution Questions Test Aspirants

MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा रविवार को प्रदेश के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में लगभग 60 प्रतिशत अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि करीब 40 प्रतिशत उम्मीदवार अनुपस्थित रहे। परीक्षा के बाद अधिकांश अभ्यर्थियों ने बताया कि सामान्य अध्ययन (GK) और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्नों ने उनकी तैयारी की अच्छी परीक्षा ली।

60% उपस्थिति, 40% अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने उच्च शिक्षा विभाग में सहायक प्राध्यापक के पदों के लिए यह भर्ती परीक्षा आयोजित की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में औसतन 60 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। बड़ी संख्या में पंजीकृत अभ्यर्थियों के परीक्षा में नहीं पहुंचने का सिलसिला इस भर्ती में भी देखने को मिला।

GK और संविधान पर रहा विशेष फोकस

परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान, भारतीय संविधान, समसामयिक घटनाक्रम और उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर अच्छे स्तर के प्रश्न पूछे गए। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद, संवैधानिक संस्थाओं और सामान्य अध्ययन वाले हिस्से ने अपेक्षाकृत अधिक समय लिया।

हालांकि विषयवार प्रश्न संबंधित विषयों के पाठ्यक्रम के अनुरूप रहे। प्रारंभिक प्रतिक्रिया में अधिकांश उम्मीदवारों ने पेपर को मध्यम स्तर का बताया।

परीक्षा केंद्रों पर रही कड़ी सुरक्षा

परीक्षा के दौरान आयोग की ओर से सुरक्षा संबंधी सभी निर्धारित व्यवस्थाएं लागू रहीं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश से पहले पहचान पत्र का सत्यापन, तलाशी और अन्य आवश्यक जांच की गई। कहीं से भी नकल या परीक्षा बाधित होने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई।

क्यों महत्वपूर्ण है यह भर्ती?

यह भर्ती राज्य के सरकारी महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की रिक्तियों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है। उच्च शिक्षा विभाग में लंबे समय से खाली पदों को भरने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण भर्ती माना जा रहा है। इससे कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

अब आगे क्या होगा?

परीक्षा पूरी होने के बाद आयोग उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद मॉडल उत्तर-कुंजी (यदि जारी की जाती है), आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया और फिर परिणाम घोषित किए जाएंगे। आयोग ने परिणाम की तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

फिलहाल परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने और 60 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज होने को इस भर्ती प्रक्रिया का प्रमुख निष्कर्ष माना जा रहा है।

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