NEET पेपर लीक के विरोध में इंदौर में छात्रों ने अनोखा प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
14 दिन से जारी है छात्रों का आंदोलन
NEET पेपर लीक समेत 23 सूत्रीय मांगों को लेकर छात्र पिछले 14 दिनों से इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आंदोलन को तेज करते हुए सोमवार को छात्र संगठनों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य गेट के सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
मुंडन कर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने सार्वजनिक रूप से अपना सिर मुंडवाया। उनका कहना था कि यह प्रतीकात्मक कदम सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए उठाया गया है।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
क्या हैं छात्रों की मांगें?
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की।
उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद छात्रों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर संबंधित अधिकारियों तक मांगें पहुंचाने का आश्वासन दिया।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष जांच तंत्र आवश्यक है। इससे छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा।
आगे क्या होगा?
छात्र संगठनों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने मामले को संबंधित स्तर पर भेजकर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।