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भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, वाटर कैनन से रोका मार्च

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सीएम हाउस की ओर मार्च के दौरान हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग की और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। घटना के बाद अस्पताल और आसपास के इलाकों में तनाव व यातायात प्रभावित रहा।

ई-इंदौर डेस्क 08 Sep 2026 23 बार देखा गया Madhya Pradesh
भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, वाटर कैनन से रोका मार्च

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन, वाटर कैनन से रोका मार्च  |  ई-इंदौर फोटो

भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज के MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन सोमवार को तेज हो गया। डॉक्टरों ने मौजूदा स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग के साथ मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। हमीदिया अस्पताल के पास पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या अलग बताई गई है; इसलिए इस संख्या की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि के बिना निश्चित आंकड़ा देना उचित नहीं है।

मुख्य घटना

गांधी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्हें वर्तमान में करीब 14,337 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं और वे इसे बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि पहले भी इस मुद्दे को लेकर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रदर्शन किया गया था। उनके अनुसार उन्हें स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन मिला था, लेकिन तय समय के बाद भी लिखित आदेश जारी नहीं हुआ। इसी के बाद डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री निवास तक मार्च करने का फैसला किया।

पृष्ठभूमि

इंटर्न डॉक्टरों की मुख्य मांग सिर्फ राशि बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का स्पष्ट सरकारी आदेश जारी हो, ताकि सभी संबंधित सरकारी मेडिकल संस्थानों में इसका लागू होना सुनिश्चित हो सके।

7 सितंबर को भोपाल में प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर हमीदिया अस्पताल परिसर से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ना चाहते थे। प्रशासन ने अस्पताल के गेट और आसपास के रास्तों पर बैरिकेडिंग की थी।

प्रशासन की कार्रवाई

प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने हमीदिया अस्पताल के आसपास बैरिकेड लगाए। रिपोर्टों के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार करने की कोशिश करते हुए मुख्य मार्ग तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस और डॉक्टरों के बीच झड़प हुई।

स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट के अनुसार, वाटर कैनन की चपेट में आने से एक इंटर्न डॉक्टर घायल हुआ और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहीं 8 सितंबर की एक रिपोर्ट में चार इंटर्न डॉक्टरों के गंभीर रूप से घायल होने का दावा किया गया है। इन अलग-अलग आंकड़ों को देखते हुए घायलों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

मेडिकल संगठन FAIMA ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों की मांग का समर्थन किया है। संगठन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान किए जाने की बात कही।

अब आगे क्या होगा

इंटर्न डॉक्टरों की मांग अब लिखित सरकारी आदेश पर केंद्रित है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर स्पष्ट निर्णय जारी किया जाए। उपलब्ध रिपोर्टों में तत्काल बढ़ोतरी का कोई अंतिम सरकारी आदेश सामने नहीं आया है।

इस मामले में आगे सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के स्तर पर बातचीत तथा निर्णय महत्वपूर्ण होगा। तब तक आंदोलन आगे बढ़ने की स्थिति में अस्पताल की नियमित सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना बनी रहेगी।

जनता पर प्रभाव

प्रदर्शन के कारण हमीदिया अस्पताल के आसपास मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हुई। प्रदर्शन के दौरान अस्पताल के रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हुई और प्रदर्शनकारियों तथा अस्पताल स्टाफ के बीच भी बहस की स्थिति बनी।

इसके अलावा, VIP Road से Polytechnic Square तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबे ट्रैफिक जाम की जानकारी दी। वैकल्पिक मार्गों पर भी वाहनों की कतारें देखी गईं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • प्रदर्शन गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के MBBS इंटर्न डॉक्टरों ने किया।

  • डॉक्टर स्टाइपेंड को करीब 14,337 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग कर रहे हैं।

  • प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने की कोशिश की।

  • हमीदिया अस्पताल के आसपास पुलिस ने बैरिकेडिंग की।

  • स्थिति बिगड़ने पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

  • प्रदर्शन के कारण हमीदिया अस्पताल और आसपास के यातायात पर असर पड़ा।

  • FAIMA ने इंटर्न डॉक्टरों की स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग का समर्थन किया है।

  • घायलों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में अंतर है, इसलिए आधिकारिक आंकड़े की पुष्टि जरूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रश्न 1. भोपाल के इंटर्न डॉक्टर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
इंटर्न डॉक्टर अपने मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2. अभी इंटर्न डॉक्टरों को कितना स्टाइपेंड मिलता है?
उपलब्ध रिपोर्टों में मौजूदा मासिक स्टाइपेंड 14,337 रुपये बताया गया है।

प्रश्न 3. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन क्यों चलाया?
डॉक्टरों के मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च और बैरिकेड पार करने की कोशिश के बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

प्रश्न 4. क्या प्रदर्शन से अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुईं?
हां। रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन के कारण हमीदिया अस्पताल के आसपास मरीजों, स्टाफ और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

समापन

भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन अब पुलिस कार्रवाई के बाद और महत्वपूर्ण हो गया है। डॉक्टर 30 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की मांग पर लिखित निर्णय चाहते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और वाटर कैनन के इस्तेमाल ने प्रशासन के सामने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की चुनौती बढ़ा दी है।

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