ग्वालियर हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
मध्य प्रदेश की ladli behna योजना को लेकर ग्वालियर खंडपीठ में जनहित याचिका दाखिल हुई है। याचिका में करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को मिल रही ₹1500 मासिक सहायता रोकने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने सीधे आर्थिक सहायता के बजाय रोजगार और कौशल प्रशिक्षण देने की मांग रखी है। याचिका में योजना के वित्तीय भार से जुड़े सवाल भी उठाए गए हैं।
सरकार से मांगा गया पूरा ब्योरा
हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में विस्तृत जवाब देने को कहा है।
सरकार से ladli behna portal से जुड़े लाभार्थियों का विवरण और भुगतान संबंधी जानकारी भी मांगी गई है। लाभार्थियों को मामले में पक्षकार बनाने से जुड़ा निर्देश भी सामने आया है।
किस्त पर अभी कोई रोक नहीं
ladli behna status को लेकर महिलाओं के बीच किस्त रुकने की चर्चा है। लेकिन केवल याचिका दाखिल होने से ladli behna yojana 2026 बंद नहीं हुई है।
फिलहाल ₹1500 की सहायता रोकने का कोई न्यायिक आदेश सामने नहीं आया है। आगे सरकार के जवाब और सुनवाई से मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
योजना का मौजूदा संदर्भ
यह mp scheme वर्ष 2023 में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू हुई थी। योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक सहायता दी जाती है।
yojana scheme को लेकर अब अदालत में इसकी वित्तीय व्यवस्था और लाभार्थियों से जुड़े सवालों पर जवाब मांगा गया है। ladli behna scheme की अगली कानूनी स्थिति सुनवाई के बाद सामने आएगी।
FAQ
1. क्या ladli behna की ₹1500 किस्त बंद हो गई है?
नहीं। फिलहाल किस्त रोकने का कोई आदेश सामने नहीं आया है।
2. MP High Court ने क्या आदेश दिया?
कोर्ट ने सरकार से चार सप्ताह में जवाब और लाभार्थियों का विवरण मांगा है।
3. क्या यह ladli behna update योजना बंद होने का संकेत है?
नहीं। अभी मामला अदालत में विचाराधीन है।
4. याचिका में क्या मांग की गई है?
याचिका में ₹1500 सहायता रोककर रोजगार और कौशल प्रशिक्षण पर जोर देने की मांग की गई है।