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महाकाल भस्म आरती 17 जुलाई 2026: ब्रह्म मुहूर्त में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, दिव्य श्रृंगार के हुए दर्शन

महाकाल भस्म आरती के दौरान शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। तड़के सुबह वैदिक मंत्रोच्चार, डमरू और शंखनाद के बीच बाबा महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती की गई।

ई-इंदौर डेस्क 17 Jul 2026 17 बार देखा गया Madhya Pradesh
महाकाल भस्म आरती 17 जुलाई 2026: ब्रह्म मुहूर्त में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, दिव्य श्रृंगार के हुए दर्शन

महाकाल भस्म आरती 17 जुलाई 2026: ब्रह्म मुहूर्त में गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे, दिव्य श्रृंगार के हुए दर्शन  |  ई-इंदौर फोटो

महाकाल भस्म आरती के दौरान शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। तड़के सुबह वैदिक मंत्रोच्चार, डमरू और शंखनाद के बीच बाबा महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती की गई। बड़ी संख्या में देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस दिव्य अनुष्ठान के दर्शन किए।

ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हुई भस्म आरती

मंदिर की परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महाकाल का जल, पंचामृत और पूजन सामग्री से अभिषेक किया गया। इसके बाद वैदिक विधि से भस्म अर्पित कर आरती हुई। नंदी मंडप और मंदिर परिसर "हर-हर महादेव" के जयघोष से गूंज उठा। यह अनुष्ठान प्रतिदिन प्रातः लगभग 4 बजे से 6 बजे के बीच संपन्न होता है।

दिव्य श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर में दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। सावन के निकट आने के कारण सामान्य दिनों की तुलना में भक्तों की संख्या अधिक रही। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त प्रबंध किए।

महाकाल की भस्म आरती क्यों है विशेष?

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती विश्व की सबसे अनूठी धार्मिक परंपराओं में गिनी जाती है। बारह ज्योतिर्लिंगों में केवल उज्जैन के महाकाल मंदिर में प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में यह विशेष आरती होती है। इसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराते हैं।

दर्शन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था जारी

मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए भस्म आरती, शीघ्र दर्शन और अन्य सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था जारी रखी है। निर्धारित ड्रेस कोड और पहचान पत्र के साथ ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाता है।

सावन मास शुरू होने के साथ महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। मंदिर प्रशासन ने आगामी दिनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां जारी रखने की बात कही है।

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