मध्य प्रदेश में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में राज्यभर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। केमिस्ट और फार्मेसी संगठनों ने कहा कि बिना सही नियंत्रण के डिजिटल दवा बिक्री से स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है। इससे मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
इस विरोध का असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित कई शहरों में दिखा।
ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध
फार्मेसी संचालकों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म बिना उचित जांच के दवाएं बेच रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दवाएं केवल फिजिकल प्रिस्क्रिप्शन जांच और फार्मासिस्ट की निगरानी के बाद ही बेची जानी चाहिए।
एमपी मेडिकल स्टोर बंद विरोध व्यापारी और केमिस्ट संगठनों ने आयोजित किया। उनकी मांग है कि ई-फार्मेसी संचालन पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाए।
विरोध के तहत कई मेडिकल दुकानों ने दिनभर शटर बंद रखे।
मरीजों की सुरक्षा पर चिंता
केमिस्टों ने कहा कि ऑनलाइन दवा डिलीवरी से दवाओं का गलत इस्तेमाल और खुद से इलाज करने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। उन्होंने नकली दवाओं, स्टोरेज क्वालिटी और प्रिस्क्रिप्शन जांच को लेकर भी चिंता जताई।
फार्मेसी मालिकों का कहना है कि स्थानीय केमिस्ट लाइसेंस नियमों का पालन करते हैं। वे मरीजों और डॉक्टरों से सीधा संपर्क भी रखते हैं।
एमपी मेडिकल स्टोर बंद आंदोलन ने पारंपरिक फार्मेसी और डिजिटल हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म के बीच बढ़ते तनाव को सामने ला दिया है।
इमरजेंसी सेवाएं जारी रहीं
विरोध के बावजूद कई क्षेत्रों में इमरजेंसी दवा सेवाएं उपलब्ध रहीं। कुछ अस्पताल से जुड़ी फार्मेसी और चुनिंदा दुकानों ने गंभीर मरीजों के लिए काम जारी रखा।
अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखी, ताकि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा न आए।
सरकार से कार्रवाई की मांग
व्यापारी संगठनों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए कड़े नियम लागू करने की मांग की। उन्होंने डिजिटल और ऑफलाइन फार्मेसी कारोबार के लिए समान अनुपालन नियमों की मांग रखी।
फार्मेसी एसोसिएशन के सदस्यों के अनुसार, अगर मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो एमपी मेडिकल स्टोर बंद विरोध आगे भी जारी रह सकता है।
आगे क्या होगा
केमिस्ट संगठन आने वाले दिनों में सरकारी अधिकारियों से चर्चा कर सकते हैं। अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आगे के आंदोलन की घोषणा हो सकती है।
यह मुद्दा भारत के दवा बाजार में नियमों, डिजिटल हेल्थकेयर के विस्तार और उपभोक्ता सुरक्षा पर बड़ी बहस को दिखाता है।