मध्य प्रदेश सरकार MP Coaching Regulation Act लागू करने की तैयारी में है। नए कानून के तहत कोचिंग संस्थानों के लिए फीस रिफंड, पंजीकरण और छात्र सुरक्षा से जुड़े नियम तय किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
फीस रिफंड के लिए बने नए नियम
नए प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि कोई छात्र कोचिंग छोड़ता है तो निर्धारित शर्तों के अनुसार फीस वापस करनी होगी। कोचिंग संस्थान मनमाने तरीके से फीस रोक नहीं सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
MP Coaching Regulation Act के तहत नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। फीस रिफंड से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर ₹25,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान रखा गया है।
कोचिंग संस्थानों को कराना होगा पंजीकरण
नए कानून के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले कोचिंग संस्थानों को ही संचालन की अनुमति मिलेगी। संस्थानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शी फीस संरचना सुनिश्चित करनी होगी।
छात्रों के हितों पर फोकस
सरकार का कहना है कि यह कानून छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए लाया जा रहा है। कई बार फीस वापसी और गलत प्रचार को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमन लागू होने से कोचिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।
कब लागू होंगे नियम?
प्रस्तावित एक्ट को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद प्रदेशभर के कोचिंग संस्थानों पर यह नियम लागू होंगे। संबंधित विभाग इसके क्रियान्वयन की तैयारी कर रहा है।
नए कानून का उद्देश्य कोचिंग शिक्षा को अधिक जवाबदेह और छात्र-केंद्रित बनाना है।