IIM इंदौर MBA एडमिशन 2026 में इस बार भी छात्राओं ने बढ़त बनाए रखी है। संस्थान के नए PGP 2026-28 बैच में 54.4% छात्राएं शामिल हुई हैं। लगातार दूसरे वर्ष महिला विद्यार्थियों की संख्या पुरुषों से अधिक रही है। यह बदलाव प्रबंधन शिक्षा में बढ़ती लैंगिक समानता की ओर महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
487 छात्रों में 265 छात्राएं
IIM इंदौर के प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (PGP) में इस वर्ष 487 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। इनमें 265 छात्राएं और 222 छात्र शामिल हैं। पिछले वर्ष भी महिला विद्यार्थियों की संख्या पुरुषों से अधिक थी।
इंजीनियरिंग के बाहर से भी बढ़ी भागीदारी
इस वर्ष का बैच केवल लैंगिक विविधता ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक विविधता के लिए भी खास है। करीब 54% विद्यार्थी नॉन-इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। इनमें अर्थशास्त्र, कानून, चिकित्सा, पत्रकारिता, मनोविज्ञान, कृषि, फैशन डिजाइन और आर्किटेक्चर जैसे विषयों के छात्र शामिल हैं। लगभग 43% विद्यार्थियों के पास पहले से कार्य अनुभव भी है।
निदेशक ने बताया संस्थान की प्राथमिकता
IIM इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि संस्थान के लिए जेंडर डाइवर्सिटी केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि बेहतर नेतृत्व तैयार करने की रणनीति है। उन्होंने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया, मेंटरशिप, महिला उपलब्धियों के सम्मान और समावेशी कैंपस संस्कृति ने इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रबंधन शिक्षा में बदल रही तस्वीर
देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में महिला भागीदारी लगातार बढ़ रही है। IIM इंदौर का नया बैच इस बदलाव का मजबूत उदाहरण है। विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमि और महिला नेतृत्व की बढ़ती भागीदारी भविष्य के कॉर्पोरेट नेतृत्व को अधिक संतुलित और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.