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राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति का ड्राफ्ट जारी: सरकार ने जनता से मांगे सुझाव, स्वास्थ्य क्षेत्र में होंगे बड़े बदलाव

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Draft National Health Research Policy जारी कर आम जनता, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। इस नीति का उद्देश्य बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए देश में शोध और नवाचार को मजबूत बनाना है।

ई-इंदौर डेस्क 13 Jul 2026 14 बार देखा गया Health
राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति का ड्राफ्ट जारी: सरकार ने जनता से मांगे सुझाव, स्वास्थ्य क्षेत्र में होंगे बड़े बदलाव

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति का ड्राफ्ट जारी: सरकार ने जनता से मांगे सुझाव, स्वास्थ्य क्षेत्र में होंगे बड़े बदलाव  |  ई-इंदौर फोटो

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Draft National Health Research Policy जारी कर आम जनता, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे हैं। इस नीति का उद्देश्य बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए देश में शोध और नवाचार को मजबूत बनाना है।

क्या है नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति?

सरकार का कहना है कि नई नीति देश में स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए एक स्पष्ट ढांचा तैयार करेगी। इसके तहत नई बीमारियों, महामारी, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, जलवायु परिवर्तन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा दिया जाएगा।

नीति का मकसद वैज्ञानिक संस्थानों, अस्पतालों और उद्योगों के बीच बेहतर सहयोग स्थापित करना भी है।

किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?

मसौदा नीति में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

  • संक्रामक और गैर-संचारी रोगों पर शोध

  • डिजिटल हेल्थ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग

  • महामारी की तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया

  • क्लिनिकल रिसर्च और मेडिकल इनोवेशन

  • डेटा सुरक्षा और नैतिक शोध मानक

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना

सरकार ने क्यों मांगे सुझाव?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीति को अंतिम रूप देने से पहले नागरिकों, चिकित्सा विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और शोध संस्थानों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। सरकार का मानना है कि विभिन्न पक्षों की राय शामिल होने से नीति अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनेगी।

सुझावों के आधार पर मसौदे में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा देने के लिए एक व्यापक नीति की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उनका मानना है कि इससे नई तकनीकों, दवाओं और उपचार पद्धतियों के विकास को गति मिलेगी।

आगे क्या होगा?

सुझाव प्राप्त होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा करेगा। इसके बाद संशोधित राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति को अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने और भारत को वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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